अमेरिका फर्स्ट का नारा देकर ट्रम्प ने दुनिया के ताकतवर देशों को किया आगाह

डोनाल्ड ट्रंप ने 20 जनवरी 2025 (सोमवार) को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेते ही दुनिया को अपने तेवर दिखा दिए हैं। अमेरिका फर्स्ट को सबसे ऊपर रखते हुए ट्रम्प ने अपने संबोधन में चीन को दो टूक चुनौती देते हुए कहा है कि पनामा नहर को फिर से वापस लेंगे। चीन का आधिपत्य खत्म कर देंगे। ट्रम्प ने घुसपैठ को खत्म करने, अन्य देशों पर टैक्स और टैरिफ लगाने समेत अपनी अन्य आक्रामक नीतियां जगजाहिर करते हुए मेक्सिको बॉर्डर पर दीवार बनाने और मेक्सिको की खाड़ी का नाम बदलने की भी बात कह दी।

भारतीय समयानुसार 20 जनवरी सोमवार रात 10:30 बजे अमेरिकी संसद कैपिटल हिल में डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति पद की शपथ ली। सुप्रीम कोर्ट के जज जॉन रॉबर्ट्स ने उन्हें शपथ दिलाई। ट्रम्प की यह दूसरी पारी है वे 2017 से 2021 तक अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति रह चुके हैं। शपथ के दौरान पत्नी मेलानिया बाइबिल लेकर खड़ी रहीं। अपने 30 मिनट के संबोधन में ट्रम्प ने कहा कि भगवान ने अमेरिका को महान बनाने के लिए ही उन्हें बचाया। इससे पहले जेडी वेंस ने अमेरिका के 50वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली।

ट्रम्प ने शपथ के बाद अपनी पहली स्पीच में कहा- मैं सभी सरकारी सेंसरशिप को तुरंत रोकने और अमेरिका में अभिव्यक्ति की आजादी को वापस लाने के लिए एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर दस्तखत करूंगा। आज से अमेरिकी सरकार की आधिकारिक नीति होगी कि सिर्फ दो जेंडर होंगे- पुरुष और महिला। यानी ट्रांसजेंडर को अमेरिका में मान्यता नहीं मिलेगी।

डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा, आज से सारी व्यवस्था बदलने जा रही है। अब अमेरिका घुसपैठ नहीं होना देगा। दुनिया हमारा इस्तेमाल नहीं कर पाएगी। आज से अमेरिका के लिए स्वर्णिम युग की शुरुआत हो चुकी है। हमारे शासन में ‘अमेरिका फर्स्ट’ पर फोकस होगा। अमेरिका को सम्रद्ध बनाना हमारा मकसद है और अमेरिका की संप्रभुता बरकरार रहेगी।

ट्रम्प ने अपने शपथ ग्रहण संबोधन में कहा, 20 जनवरी 2025 का दिन अमेरिका के लिए आजादी दिवस है। बाइडेन ने अमेरिका का ताना-बाना तोड़ा। वो ग्लोबल इंवेंट्स हैंडल करने में नाकाम रहे। उनके राज में अमेरिका अपराधियों की शरणस्थली बन गई थी। बाइडेन सीमाओं की सुरक्षा पर भी कुछ नहीं कर सके।

ट्रम्प ने कहा, चुनाव प्रचार के दौरान मेरी हत्या करने की कोशिश की गई। आठ साल से मुझे चैलेंज किया जा रहा था। भगवान ने किसी खास मकसद के लिए मेरी रक्षा की है। लोगों ने मुझे बदलाव के लिए चुना है और अब अमेरिका में तेजी से बदलाव आएगा।

अमेरिका के नए राष्ट्रपति ने कहा, हम विरोधियों के खिलाफ बदले की कार्रवाई नहीं करेंगे। हम युद्ध रोकने की कोशिश करेंगे। शांति स्थापित करना मेरी प्राथमिकता है। हम सभी युद्ध रोक देंगे। मेरी विरासत शांति की स्थापना होगी। हम अमेरिका के दुश्मनों को हराकर रहेंगे। ट्रम्प ने अमेरिका में ड्रग तस्करों को आंतकी घोषित करने का भी ऐलान किया।

अमेरिका के नए राष्ट्रपति ने अपने पुराने तेवर दिखाते हुए कहा कि मेक्सिको की खाड़ी का नाम बदलकर हम अमेरिका की खाड़ी करेंगे। अमेरिका के लिए कुछ भी असंभव नहीं है। अमेरिका सैनिकों के अधिकार बढ़ाएगा और सेना अपने मिशन के लिए आजाद होगी। अमेरिकी न्याय विभाग का क्रूर और अनुचित हथियारीकरण खत्म होगा। हमारा प्रशासन रंगभेद रहित और योग्यता आधारित समाज बनाएगा।

ट्रम्प ने कहा, हम मेकिस्को बॉर्डर पर इमरजेंसी लगाएंगे। अमेरिका एक बार फिर से मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा। अमेरिका से तेल और गैस का निर्यात भी बढ़ेगा। संगठित अपराध के खिलाफ आज से ही काम शुरू होगा। हम महंगाई कम करने के लिए काम करेंगे। दूसरे देशों के उत्पादों पर टैक्स और टैरिफ लगाएंगे। इसका मकसद अमेरिकी नागरिकों को समृद्ध बनाना है।

बहरहाल, ट्रम्प की अमेरिका में वापसी और उनके पहले क्रांतिकारी संबोधन के बाद तय मानिए, दुनिया की कूटनीति में बहुत सारी अनिश्चितताएं पैदा होने वाली हैं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति सी जिनपिंग ने डोनाल्ड ट्रम्प के शपथ ग्रहण के बाद आपस में एक वीडियो कॉल किया और अपनी साझेदारी को और गहरा करने का वादा किया। इस बात से सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि आगे क्या होने वाला है। निश्चित रूप से रूस और चीन मिलकर ट्रम्प के फैसलों को ताक पर रखना चाहते हैं। वे उनके किसी भी गलत कदम का फायदा भी उठाना चाहेंगे।

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प्रवीण कुमार
मैं कौन हूं, क्या हूं, क्यों हूं, यह सब खुद मुझे भी नहीं पता क्यों कि खुद के बारे में बताना, जताना या उकेरना सबसे मुश्किल काम होता है। हां! बुद्ध, गांधी, विवेकानंद और गीता के दर्शन से मैंने अपने जीवन को संवारने की कोशिश जरूर की है। बिहार के बेगूसराय जिले का रहने वाला हूं। जाने-अनजाने में पत्रकारिता के आंगन में ढाई दशक से अधिक वक्त से कूद-फांद कर रहा हूं। शुरूआती दौर में जी भरकर देश के तमाम राष्ट्रीय और क्षेत्रीय अखबारों और पत्रिकाओं में वैचारिक लेखन किया। सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विषयों पर लिखने में अपनी रूचि रहती है। फिलहाल भारत सरकार से मान्यता प्राप्त स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर लेखन कर रहा हूं। डिजिटल और सोशल मीडिया कंसल्टेंट के तौर भी हाथ साफ करता रहता हूं। 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान फेक न्यूज़ की बयार को गहराई से जांचा परखा था। उससे पहले नोएडा स्थित ज़ी न्यूज़ में हिन्दी वेबसाइट की शुरूआत कर काफी लंबा वक्त गुजारा। इससे भी पीछे का पूछेंगे तो करीब डेढ़ दशक तक दैनिक हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, अमर उजाला, दैनिक भास्कर समेत कई राष्ट्रीय व क्षेत्रीय अखबारों के संपादकीय विभाग में अलग-अलग भूमिकाओं को निभाते हुए एक पत्रकार के तौर पर अपनी पहचान बनाने की कोशिश की, एक बेहतर इंसान भी बनने की कोशिश की, पर कितना बन पाया ये सब ''ऊपर वाले पर'' छोड़ता हूं...

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