ऑल स्टोरी
जब सड़क पर उतरी Gen-Z तो सत्ता को बदलनी पड़ी राजनीतिक मुद्रा
यदि सत्ता पहली बार जनदबाव के सामने पीछे हटी है, तो यह सिर्फ एक मंत्री का इस्तीफा नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक जवाबदेही की वापसी का संकेत भी हो सकता है। लेख के अनुसार, Gen-Z ने सत्ता की जवाबदेही का प्रश्न राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला दिया है।
कहीं यह मोदी सत्ता के अंत की शुरूआत तो नहीं?
20 जुलाई 2026 के संसद मार्च, युवा आंदोलन, पुलिस कार्रवाई और संसद के मानसून सत्र के बीच उभरे राजनीतिक घटनाक्रम के विस्तृत विश्लेषण में लेखक ने यह सवाल खड़ा किया है कि कहीं यह मोदी सत्ता के खिलाफ बड़े जन असंतोष की शुरुआत तो नहीं है?
चढ़ावे की हेराफेरी : पकड़े गए तो चोर, वरना समझो साधु
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला ‘ज्यों-ज्यों दवा की, मर्ज बढ़ता गया’ की मानिन्द उलझता ही जा रहा है। जांच कब तक चलेगी और दोषियों से कितनी रिकवरी होती है तथा उन्हें क्या सजा होती है, इस पर सबकी नजर है। मामले का निस्तारण जितनी जल्दी हो जाए, उतना ही अच्छा है, क्योंकि चुनावी वर्ष में यह चढ़ावा चोरी कहीं योगी आदित्यनाथ के गले की हड्डी न बन जाए।
परिसीमन की राजनीति और लोकतंत्र की नई चुनौती
परिसीमन विधेयक के पारित होने से न केवल संविधान में उल्लेखित देश का संघीय ढांचा कमजोर होगा, बल्कि हमारा देश को फासीवाद के और पास में चला जाएगा। हो सकता है कि चुनाव के रूप में छद्म लोकतंत्र जिंदा रहे, लेकिन न लोगों के लोकतांत्रिक अधिकार कायम रहेंगे, न मानवाधिकारों की कोई कद्र होगी।
विज्ञान के नाम पर आस्था और मिथक का खतरनाक खेल
इंडियन नॉलेज सिस्टम (IKS), नई शिक्षा नीति और विज्ञान बनाम आस्था की बहस पर विस्तृत विश्लेषण। क्या भारतीय शिक्षा में मिथकों को विज्ञान का दर्जा देने की कोशिश हो रही है? पढ़िए पूरी कहानी।
नेहरू ने अवसर गंवा दिया और मोदी ने आपदा को अवसर में बदल दिया
क्या नरेंद्र मोदी ने भारत को नई पहचान दी या नेहरू के दौर की नीतियों ने देश की दिशा तय की? पढ़िए नेहरू और मोदी के विकास मॉडल, वैचारिक दृष्टिकोण और राजनीतिक विरासत पर आधारित यह विस्तृत विश्लेषण।
मंदिर के चढ़ावे से विपक्षी सांसदों तक डाकेजनी!
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर आधारित इस राजनीतिक विश्लेषण में उत्तर प्रदेश की राजनीति, भाजपा के अंदरूनी समीकरण, विपक्षी दलों में कथित टूट, परिसीमन और 2027 के चुनावी प्रभावों पर लेखक ने विस्तार से अपनी राय रखी है।
Ram Mandir Donation Scam : जांच होगी या सच पर पड़ेगा पर्दा?
राम मंदिर सिर्फ एक मंदिर नहीं, करोड़ों हिन्दुओं की आस्था का केंद्र और भारतीय राजनीति का सबसे बड़ा प्रतीक रहा है। इसी राममंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के आरोपों ने ऐसे सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनका जवाब सिर्फ अयोध्या ही नहीं, पूरा देश जानना चाहता है।
हिन्दू राज्य : आस्था का सवाल या सत्ता का प्रोजेक्ट?
क्या हिंदू राज्य का अर्थ केवल बहुसंख्यक धार्मिक पहचान का राजनीतिक प्रभुत्व है, या इसके पीछे सत्ता और पूंजी का कोई बड़ा समीकरण भी काम कर रहा है? यह लेख हिंदुत्व, लोकतंत्र, नवउदारवाद और कॉरपोरेट वर्चस्व के संबंधों की पड़ताल करता है। साथ ही यह सवाल उठाता है कि क्या धार्मिक ध्रुवीकरण आर्थिक संकटों और बेरोजगारी जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने का माध्यम बन रहा है।
ग्रीन कार्ड नीति में बदलावों से आईटी पेशेवरों की धड़कनें तेज
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की नई आव्रजन नीति ने ग्रीन कार्ड पाने की राह को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। लेखिका ने इस आलेख में भारतीय प्रतिभाओं, अमेरिकी कंपनियों और भारत-अमेरिका संबंधों पर इसके असर का बढ़िया विश्लेषण किया है।
























