ऑल स्टोरी
ऑस्ट्रेलिया में टीम इंडिया : न पेस का तोड़ मिल रहा, न स्पिन का जवाब
जब विराट कोहली और रोहित शर्मा वनडे टीम में लौटे तो लगा था कि अनुभव का यह मेल ऑस्ट्रेलियाई चुनौती को आसान बना देगा। लेकिन हुआ इसके ठीक उलट-भारतीय बल्लेबाज न तो तेज गेंदबाजी का सामना कर पा रहे हैं और न ही स्पिन के जाल से निकलने का रास्ता खोज पा रहे हैं।
डोनाल्ड ट्रम्प में वो बात नहीं कि उन्हें ‘शांति के नोबेल’ से नवाजा जाए
नोबेल शांति पुरस्कार पाने को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हालिया दावे के पीछे उनके पिछले कार्यकाल के दौरान किए गए कई कूटनीतिक प्रयास हैं। इनमें से कुछ सफल रहे, कुछ आंशिक और कई तो पूरी तरह विफल रहे।
महुआ को निपटाने में निपट गए कल्याण, चीफ व्हीप पद से देना पड़ा इस्तीफा
तृणमूल कांग्रेस (TMC) में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। टीएमसी की तेज-तर्रार सांसद महुआ बनर्जी को निपटाने के चक्कर में कल्याण बनर्जी खुद ही निपट गए। कल्याण बनर्जी को लोकसभा में पार्टी के चीफ व्हीप पद से इस्तीफा देना पड़ा।
अमृतकाल जहां किसान चुन रहे मौत और कृषि मंत्री खेल रहे रमी!
बीते तीन महीनों में महाराष्ट्र में लगभग 750 किसानों ने अपनी जान दे दी; वहीं कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे विधानसभा के भीतर बैठकर मोबाइल पर रमी खेलते नज़र आते हैं। ये दृश्य सिर्फ एक मंत्री की लापरवाही भर नहीं है, ये उस पूरी राजनीति की पोल खोलता है जो अन्नदाता किसानों के दुःख-दर्द से वर्षों से आंखें मूंदे बैठी है।
नक्सलवाद पर कड़ा प्रहार, विकास की राह पर तेजी से बढ़ता भारत
आगामी 31 मार्च, 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने की प्रतिबद्धता के साथ सुरक्षित और समृद्ध भारत के निर्माण में जुटी मोदी सरकार का कहना है कि नक्सली हिंसा के रास्ते पर चल रहे युवा सरकार की नीतियों पर भरोसा करें और समाज की मुख्यधारा में शामिल हों।
भारतीय समाजवादियों का इसराइल प्रेम- पार्ट 1
इसराइल को लेकर समाजवादी चिंतक डॉ. राममनोहर लोहिया ने 1950 में दिए एक वक्तव्य में कहा था- एक ऐसा एशियाई देश जिसके पास इतने मानव संसाधन और प्रतिभाएं हैं कि किसी और देश में इतनी नहीं होगी। वह नए ढंग के जीवन के प्रयोग कर रहा है, विशेषकर कृषि में। शांति और पुनर्निर्माण के कार्य में इसराइल की साझेदारी पूरे एशिया को, जिसमें अरब भी शामिल है, लाभान्वित करेगी।
युद्ध और आम आदमी
1965 के भारत-पाक युद्ध में इस्तेमाल की जाने वाली टेक्नोलॉजी के साथ आज की स्थितियों की तुलना नहीं हो सकती, पर युद्ध से जुड़ी आशंकाएं, अफ़वाहें, दहशत और अनिश्चितताएं आज भी वैसी ही हैं। यह संस्मरण आलेख जवरीमल्ल पारख ने पहली बार 18 जुलाई, 2020 को लिखा गया था।
Operation Sindoor : वो 9 आतंकी ठिकाने जिसे भारत ने पाकिस्तान में घुसकर कर दिया नेस्तनाबूद
भारत ने ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में पाक प्रायोजित आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े 9 अहम ठिकानों पर सटीक और सुनियोजित हमले किए।
जाति जनगणना पर साहेब की टाइमलाइम तो देखिए!
जाति जनगणना कराने का मोदी सरकार का यह फैसला वाकई चौंकाने वाला है, क्योंकि राहुल गांधी समेत तमाम विपक्षी दलों की मांग के बावजूद बीजेपी नीत मोदी सरकार इसे लगातार टालती आ रही थी। कहने का मतलब यह कि सत्ताधारी भाजपा या उससे जुड़ी तमाम संस्थाएं जाति...
डिजिटल एक्सेस सिर्फ सुविधा नहीं, आपका मौलिक अधिकार भी है
डिजिटल एक्सेस अब भारतीय संविधान के अनुच्छेद-21 में निहित जीवन और स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का अनिवार्य हिस्सा है। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला न सिर्फ तकनीकी पहुंच को कानूनी मान्यता देता है, बल्कि डिजिटल युग में जी रहे नागरिकों की गरिमा, स्वायत्तता और समान भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है।

























