ऑल स्टोरी
PM Modi Environment Conference: विकास और पर्यावरण पर पीएम का बड़ा संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन के भविष्य पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। उन्होंने विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन, नवीकरणीय ऊर्जा और जलवायु कार्रवाई में वैश्विक सहयोग पर जोर दिया।
PM Modi Rozgar Mela: 51 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र, जानें बड़ी बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20वें रोजगार मेले में 51 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस दौरान उन्होंने रोजगार, कौशल विकास, स्टार्टअप और विकसित भारत के निर्माण में युवा शक्ति की भूमिका पर जोर दिया।
ब्रिक्स की घोषणाएं और भारत की विदेश नीति का विरोधाभास
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का 140-बिंदुओं वाला घोषणा-पत्र वैश्विक दक्षिण की कई प्रमुख चिंताओं- बहुध्रुवीयता, वैश्विक संस्थाओं में सुधार, जलवायु वित्त, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और एआई को सामने रखता है। लेकिन इसके साथ ब्रिक्स की अंतर्निहित सीमाएं और सदस्य देशों के हितों के अंतर्विरोध भी दिखाई देते हैं।
अगर भारत की अर्थव्यवस्था इतनी मजबूत है तो जनता से कम खर्चने का आग्रह क्यों मोदी जी?
7.8 प्रतिशत की GDP वृद्धि पर सरकार का जश्न, लेकिन सोना और विदेश यात्रा से बचने की प्रधानमंत्री की अपील ने खड़े किए सवाल कि क्या विकास की चमक के पीछे बाहरी क्षेत्र का दबाव बढ़ रहा है?
सरसंघचालक मोहन भागवत जी से कुछ सवाल
दुनिया के पश्चिमी देशों में ‘एक विश्व, एक मानवता’ का संदेश देने वाले आरएसएस चीफ मोहन भागवत के सामने सवाल है कि भारत में धार्मिक सौहार्द, समान नागरिक गरिमा और विविधता की कसौटी पर उनकी आवाज उतनी ही मुखर क्यों नहीं दिखाई देती?
सुप्रीम कोर्ट ने CJP के प्रदर्शन पर रोक लगाने से किया इनकार
NEET विवाद को लेकर CJP 5 सितंबर 2026 को एक बार फिर से दिल्ली की सड़कों पर उतरेगा; सुप्रीम कोर्ट ने सीजेपी के मार्च पर रोक लगाने से इनकार करते हुए कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस और शासन पर छोड़ दी है।
नेपाल की जल तबाही में चीन पर सवाल : खतरे की सूचना थी तो क्यों नहीं किया अलर्ट?
नेपाल की भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ की आपदा के बाद चीन की भूमिका और चेतावनी जारी करने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। नेपाली कांग्रेस नेता अभिषेक प्रताप शाह ने चीन की सैटेलाइट निगरानी क्षमता का हवाला देते हुए समय पर सूचना साझा नहीं करने पर सवाल उठाया है।
चरित्र-निर्माण की सदी या संघी इतिहास का पुनर्लेखन!
इतिहास सिर्फ अतीत का दस्तावेज नहीं, वर्तमान की राजनीति का औजार भी बन सकता है। आरएसएस के इतिहास के पुनर्लेखन में डॉ. हेडगेवार की नई गढ़ी जा रही छवि इसी राजनीतिक परियोजना की ओर इशारा करती है। तो क्या संघ अपने अतीत को नए राजनीतिक आख्यान में ढाल रहा है?
एसआईआर के बहाने नागरिकता की नई कसौटी?
SIR को महज मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया मानना पर्याप्त नहीं है। इसके सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव नागरिकता, समान मताधिकार, दस्तावेजी पहचान और भारतीय गणराज्य की संवैधानिक अवधारणा से जुड़े बड़े सवाल खड़े करते हैं।
One Nation One Election : चुनाव सुधार या संविधान के ढांचे से खिलवाड़?
‘एक देश, एक चुनाव’ पर सियासी और संवैधानिक बहस तेज हो गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने JPC के सामने प्रस्तावित विधेयकों को असंवैधानिक बताते हुए सवाल उठाया कि चुनावी चक्र को एक करने के लिए क्या निर्वाचित सदनों का कार्यकाल बदला जा सकता है?


























