ऑल स्टोरी
प्रशांत भूषण बोले- सत्ता परिवर्तन की मांग हर नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार
प्रशांत भूषण ने मोदी सरकार पर चुनावी लोकतंत्र और नागरिकों के मौलिक अधिकारों को कमजोर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सत्ता परिवर्तन की मांग करना हर नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीजेपी और अन्य संगठनों ने 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस में तिरंगे के साथ जुटने की अपील की है।
IDBI Bank Stake Sale : जनता के पैसे का पूरा हिसाब कहां है सरकार?
मोदी सरकार ने IDBI बैंक में सरकार और LIC की 60.72 फीसदी हिस्सेदारी 52,878 करोड़ रुपये में बेचने की मंजूरी दी है। सरकार का यह फैसला कई सवाल खड़े करता है- क्या बिक्री की कीमत में भविष्य की कमाई और सार्वजनिक बैंकिंग की जिम्मेदारियों का पूरा मूल्यांकन हुआ? सरकार को जनता के हित का हिसाब देना होगा।
जंतर-मंतर पर ताला : अब कहां गूंजेगी जन-विरोध की आवाज?
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को आधिकारिक प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने का नोटिस जारी कर दिया है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या विरोध के लिए जगह बदलना महज प्रशासनिक फैसला है या इससे सत्ता के केंद्र तक जनता की आवाज पहुंचाने की क्षमता को कमजोर करना है?
SIR पर आर-पार : पहली बार विपक्ष का सुप्रीम कोर्ट तक मार्च, SIR और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिका
SIR के तहत मतदाता सूचियों से 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए जाने पर विपक्ष ने उठाए सवाल; राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनावी प्रक्रिया की जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
दिल्ली में विरोध प्रदर्शन पर बढ़ा टकराव; CJP नेताओं ने मोदी-शाह को ठहराया जिम्मेदार
सीजेपी नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास ने आरोप लगाया कि उनके मोबाइल फोन 24 घंटे तक पुलिस के पास रहे और उन्हें उपकरणों से छेड़छाड़ की आशंका है। जंतर-मंतर पर भारी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। कहा- मांगें पूरी होने तक देशभर में शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा।
सुप्रीम कोर्ट की दो-टूक : दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन और आवाजाही पर रोक हटाई जाए
एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को निर्देश दिया कि गैरकानूनी हिरासत न हो, मेट्रो और रेल सेवाएं सामान्य रहें तथा इंटरनेट बाधित न किया जाए। सुनवाई में पुलिस कार्रवाई, बैरिकेडिंग और शांतिपूर्ण विरोध के संवैधानिक अधिकार पर गंभीर सवाल उठे।
दिल्ली में लोकतांत्रिक विरोध की आवाज को पुलिस ने कुचला; CJP और विपक्ष के तमाम नेताओं को किया गया डिटेन
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP के प्रदर्शन से पहले ही पुलिस ने की कार्रवाई। ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल, पिनराई विजयन और ध्रुव राठी, अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका, सौरव दास समेत कई लोग हिरासत में लिए गए।
फुले, पेरियार और अंबेडकर के विचारों से इतनी परेशानी क्यों?
जाति और पितृसत्ता की आलोचना को 'जहर' बताने वाली मुहिम ने सामाजिक न्याय और शिक्षा की स्वतंत्रता को आमने-सामने ला खड़ा किया है। केंद्रीय विश्वविद्यालयों में वामपंथी और अंबेडकरवादी विचारों की मौजूदगी को लेकर मांगी गई जानकारी के बहाने अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या सामाजिक असमानताओं पर सवाल उठाने वाले विचारों को ही संदेह के घेरे में रखा जा रहा है?
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष, राहुल बोले- CEC से मिलकर पूछूंगा, ‘वोट चोरी’ क्यों की?
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन के सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च किया। इस दौरान पुलिस ने राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया।
UP RAJYA SABHA ELECTION 2026 : भाजपा के टिकट में छिपा है 2027 का चुनावी गणित
यूपी राज्यसभा के लिए आठों मौजूदा सांसदों का टिकट काटकर भाजपा ने दिया संगठन और सामाजिक संतुलन का संदेश, ओबीसी-दलित चेहरों के जरिए सपा के PDA की काट और सवर्ण आधार को भी साधने की कोशिश।


























