Tuesday, October 27, 2026

टॉप स्टोरी

ओपिनियन

ऑल स्टोरी

सवालों के घेरे में सुप्रीम कोर्ट की साख! पूर्व न्यायाधीश संजय किशन कौल का बड़ा खुलासा

पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज संजय किशन कौल ने अपने संस्मरण ‘Without Fear or Favour’ में पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। कौल के मुताबिक, न्यायिक नियुक्तियों से पहले सरकार की राय लेने की कोशिश कॉलेजियम की स्वतंत्रता के लिए चिंता का विषय है।

मानहानि केस में राहुल गांधी बरी, अमित शाह पर टिप्पणी को कोर्ट ने नहीं माना मानहानि

राहुल गांधी को उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने अमित शाह पर 2018 में की गई कथित टिप्पणी से जुड़े मानहानि मुकदमे में बरी कर दिया। अदालत ने बयान को मानहानिकारक नहीं माना और शिकायतकर्ता विजय मिश्रा को पीड़ित पक्ष के रूप में योग्य नहीं पाया।

मणिपुर से जामिया तक सवालों के घेरे में मोदी का राजधर्म

मणिपुर में फिर हिंसा, अरुणाचल प्रदेश में सियांग परियोजना के खिलाफ उग्र प्रदर्शन और दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर आंदोलन। इन घटनाओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काशी एयर शो में शामिल होना सरकार की प्राथमिकताओं और लोकतांत्रिक जवाबदेही पर बहस खड़ी करता है।

लोकतंत्र की जंग या चुनावी टकराव? खड़गे के बयान से गरमाई सियासत

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने SIR को तत्काल रोकने, भविष्य के चुनाव बैलेट पेपर से कराने और पिछले दो वर्षों में हुए विधानसभा चुनाव रद्द करने की मांग की है। पटना में श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर उन्होंने SIR के विरोध को ‘आजादी की दूसरी लड़ाई’ बताया।

ECINET पर पर्देदारी से चुनाव आयोग की निष्पक्षता फिर उठे सवाल

चुनाव आयोग द्वारा SIR में इस्तेमाल सॉफ्टवेयर का नाम और संस्करण बताने से इनकार करने के बाद ECINET को लेकर विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने AI के संभावित इस्तेमाल, तकनीकी पारदर्शिता और मतदाता सूची में कथित हेरफेर पर सवाल उठाए हैं।

जरांगे बनाम शिंदे : मराठा आरक्षण की लड़ाई में आखिर क्यों टूटा भरोसा?

महाराष्ट्र में मनोज जरांगे-पाटिल और एकनाथ शिंदे के बीच टकराव ने नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है। मराठा आरक्षण आंदोलन से जुड़े इस विवाद में 500 करोड़ रुपये के कथित भुगतान की ऑडियो क्लिप सामने आई है, जिसकी प्रामाणिकता की जांच होनी है।

नेहा बोरा ने लिखा धांसू आर्टिकल; पूछा- सत्ता से सवाल करने वालों से शांति की गारंटी क्यों?

आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने 10,000 रुपये के पीस बॉन्ड और ज़मानत के नोटिस को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। नेहा ने अपने लेख के जरिये यह पूछा है कि आखिर सत्ता से सवाल करने वालों से शांति की गारंटी क्यों?

लोकतंत्र को भरोसा चाहिए जनाब, बैरिकेड्स नहीं!

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उत्तर-सत्य राजनीति संबंधी तर्कों के बीच चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों, एसआईआर में मतदाता सूची से नाम हटाने, मुख्य चुनाव आयुक्त के कानूनी संरक्षण और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार पर उठते सवालों की पड़ताल।

टीवी न्यूज चैनल्स की मनमानी पर सरकारी ब्रेक, नेहा सिंह राठौर प्रकरण ने बढ़ाई जवाबदेही!

केंद्र सरकार ने निजी न्यूज चैनलों को ‘एंटी नेशनल’ कंटेंट, भड़काऊ डिबेट, सनसनीखेज अपराध रिपोर्टिंग और एआई के इस्तेमाल पर सावधानी बरतने की एडवाइजरी जारी की है। नेहा सिंह राठौर से जुड़ी कथित गलत टीवी रिपोर्ट पर राष्ट्रीय महिला आयोग की कार्रवाई के बीच मीडिया की जवाबदेही का सवाल फिर चर्चा में है।

प्रदर्शन, हिरासत और प्रतिबंध : भारत में नागरिक अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र ने उठाए गंभीर सवाल

भारत में छात्र आंदोलनों और शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर पुलिस की कथित कार्रवाई को लेकर संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञों ने गंभीर चिंता जताई है। विशेषज्ञों ने बल प्रयोग रोकने, प्रदर्शन प्रतिबंधों की समीक्षा करने और पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।