ऑल स्टोरी
US Midterm Elections Results 2026 : बड़ी हार की तरफ रिपब्लिकन, मुश्किल में ट्रम्प की सत्ता
अमेरिका में आज यानी 3 नवंबर को मिडटर्म इलेक्शन के लिए मतदान होने जा रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी के सामने कांग्रेस के दोनों सदनों में बहुमत बचाने की चुनौती है। डेमोक्रेट्स को सफलता मिली तो ट्रम्प के विधायी एजेंडे पर रोक लग सकती है।
INDIA BLOCK RALLY : दिल्ली के रामलीला मैदान से विपक्ष का बड़ा ऐलान : ‘मोदी हटाओ, लोकतंत्र बचाओ’
इंडिया गठबंधन (INDIA Block) की मेगा रैली में राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को जेल भेजने का किया ऐलान, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव, फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती ने भी चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर साधा निशाना।
PM Modi Gujarat Visit : बनासकांठा को ₹14,000 करोड़+ की सौगात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा में ₹14,000 करोड़+ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त के तहत करीब 10 करोड़ किसानों के खातों में ₹18,000 करोड़+ की राशि ट्रांसफर की।
संसद के बाहर सजी जन-अदालत; CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का जन-महाभियोग प्रस्ताव पारित!
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष ने दिल्ली में जन-महाभियोग आयोजित कर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए। मल्लिकार्जुन खड़गे ने छह आरोपों वाला प्रस्ताव पेश किया, जिसे मॉक संसद में पारित किया गया।
वोटर लिस्ट से नाम हटाने पर सुप्रीम कोर्ट नाराज, चुनाव आयोग को लगाई फटकार
दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से अहम सवाल पूछे हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ के आधार पर मतदाता का नाम हटाने की वैधता पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
SIR पर घिरा चुनाव आयोग, हलफनामे में दिया आधा-अधूरा जवाब
चुनाव आयोग के एसआईआर, ऑनलाइन फॉर्म-6 और ईसीआईनेट से जुड़े विवादों पर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे ने कई सवालों को अनुत्तरित छोड़ दिया है। चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों, गोवा में मतदाता सूची से नाम हटने और पश्चिम बंगाल में अपीलों की प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे आयोग की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हैं।
बोट क्लब से बुराड़ी वाया जंतर-मंतर : छूमंतर होता लोकतंत्र
लोकतंत्र में जब मांगों और असहमति को लेकर उठने वाली आवाजों के लिए जगह सीमित होने लगे, तो सवाल सिर्फ विरोध-प्रदर्शन के आयोजन का नहीं रह जाता, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों का बन जाता है। दिल्ली में बोट क्लब से जंतर-मंतर और फिर बुराड़ी तक विरोध स्थलों का बदलता भूगोल इसी सवाल को सामने रखता है।
सवालों के घेरे में सुप्रीम कोर्ट की साख! पूर्व न्यायाधीश संजय किशन कौल का बड़ा खुलासा
पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज संजय किशन कौल ने अपने संस्मरण ‘Without Fear or Favour’ में पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। कौल के मुताबिक, न्यायिक नियुक्तियों से पहले सरकार की राय लेने की कोशिश कॉलेजियम की स्वतंत्रता के लिए चिंता का विषय है।
मानहानि केस में राहुल गांधी बरी, अमित शाह पर टिप्पणी को कोर्ट ने नहीं माना मानहानि
राहुल गांधी को उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने अमित शाह पर 2018 में की गई कथित टिप्पणी से जुड़े मानहानि मुकदमे में बरी कर दिया। अदालत ने बयान को मानहानिकारक नहीं माना और शिकायतकर्ता विजय मिश्रा को पीड़ित पक्ष के रूप में योग्य नहीं पाया।
मणिपुर से जामिया तक सवालों के घेरे में मोदी का राजधर्म
मणिपुर में फिर हिंसा, अरुणाचल प्रदेश में सियांग परियोजना के खिलाफ उग्र प्रदर्शन और दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर आंदोलन। इन घटनाओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काशी एयर शो में शामिल होना सरकार की प्राथमिकताओं और लोकतांत्रिक जवाबदेही पर बहस खड़ी करता है।


























