पटना। बिहार की सियासी फिज़ा ने आज एक बार फिर नया इतिहास रचा। लंबे वक्त से सत्ता के गलियारों में सक्रिय रहे सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) ने आखिरकार बीजेपी के मुख्यमंत्री के तौर पर बिहार की कमान संभाल ली। वे राज्य के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर सत्ता के शिखर पर पहुंच गए।
राजधानी पटना के लोकभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल सईद अता हसनैन (Syed Ata Hasnain) ने सम्राट चौधरी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। सम्राट ने ईश्वर के नाम पर शपथ लेते हुए नई राजनीतिक पारी की शुरुआत की। मालूम हो कि बिहार के चुनावी इतिहास में सम्राट चौधरी ऐसे नेता बन गए हैं जिनका नाम बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री के तौर पर अंकित रहेगा।
इस नई सरकार में गठबंधन की झलक साफ दिखी। जेडीयू के दिग्गज नेता विजय चौधरी (Vijay Choudhary) और बिजेन्द्र यादव (Bijendra Yadav) को उपमुख्यमंत्री बनाया गया। बिहार की राजनीति के सबसे चर्चित चेहरों में से एक नीतीश कुमार (Nitish Kumar) इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मौजूद तो रहे, लेकिन सत्ता के केंद्र में नहीं, बल्कि एक नए अध्याय के साक्षी के रूप में।
फिलहाल, सरकार में प्रशासनिक जिम्मेदारियों का बड़ा हिस्सा सम्राट चौधरी के पास रहेगा। उन्हें गृह समेत 29 विभाग सौंपे गए हैं, जबकि विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव क्रमशः 10 और 8 विभागों की जिम्मेदारी संभालेंगे। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सत्ता संतुलन की असली तस्वीर सामने आएगी।
शपथग्रहण समारोह से पहले सम्राट चौधरी ने पटना स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की। उनकी सुरक्षा पहले से ही कड़ी कर दी गई थी। सम्राट के पिता शकुनी चौधरी ने कहा, ‘कभी-कभी ईश्वर की कृपा होती है। हमने कई पार्टियों के लिए पूरी लड़ाई लड़ी, लेकिन सफलता नहीं मिली। आज अमित शाह, नरेंद्र मोदी और नीतीश की कृपा से सम्राट आगे बढ़ गया। मेहनत रंग लाती है। जो मेहनत करेगा वही आगे बढ़ेगा।’
इस सियासी बदलाव की पटकथा तब लिखी गई जब करीब दो दशकों तक बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे नीतीश कुमार ने मंगलवार को अचानक इस्तीफा दे दिया। उसके बाद एनडीए की बैठकों में तेजी से फैसले हुए और सम्राट चौधरी को सर्वसम्मति से नेता चुना गया।
दिन की शुरुआत भी प्रतीकात्मक रही। नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी एक ही गाड़ी में सवार होकर अंबेडकर जयंती समारोह में पहुंचे, जहां दोनों ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर (B. R. Ambedkar) को श्रद्धांजलि दी। जहां दोनों नेताओं ने डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद नीतीश कुमार सचिवालय पहुंचे और अपनी आखिरी कैबिनेट बैठक की। करीब 15 मिनट चली इस बैठक में मंत्रियों ने धन्यवाद प्रस्ताव पर मुहर लगाई। सभी मंत्रियों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को धन्यवाद दिया। इस दौरान कई नेता भावुक नजर आए।
बैठक के बाद करीब 3.00 बजे राजभवन पहुंचकर नीतीश कुमार ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया। शाम होते-होते सत्ता का हस्तांतरण पूरा हो गया जब सम्राट चौधरी ने ने राजभवन पहुंचकर सरकार बनाने का दावा पेश किया और इसके साथ ही बिहार और बीजेपी को मिल गया उसका नया “सम्राट” सम्राट चौधरी।




