भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को स्वीडन में सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा गया। जैसे ही उनकी वायुसीमा में भारत के पीएम ने प्रवेश किया, ग्रीपेन फाइटर जेट्स ने एस्कॉर्ट कर उन्हें सकुशल हवाई पट्टी तक पहुंचाया। पीएम मोदी से जो भी मिला वो मुस्कुराकर मिला। ऐसी मुस्कुराहट जो बासी या जबरन नहीं ठूंसी गई थी। हो भी क्यों न आखिर खुशहाली के इंडेक्स में ये देश पांचवें स्थान पर आता है।
जब दुनिया टिकाऊ विकास, सामाजिक समानता और तकनीकी नवाचार को भविष्य की ताकत मान रही है। यूरोप का छोटा-सा देश Sweden इन क्षेत्रों में लंबे समय से वैश्विक उदाहरण बना हुआ है। आबादी कम होने के बावजूद स्वीडन ने जीवन गुणवत्ता, पारदर्शिता, लैंगिक समानता और इनोवेशन के दम पर खुद को दुनिया के सबसे विकसित देशों में शामिल किया है। वहीं भारत तेज आर्थिक विकास के बावजूद कई सामाजिक और प्रशासनिक चुनौतियों से जूझ रहा है।
स्वीडन की सबसे बड़ी ताकत उसकी “वेलफेयर स्टेट” व्यवस्था मानी जाती है। यहां स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा को नागरिकों का मूल अधिकार माना जाता है। सरकारी सेवाएं डिजिटल और पारदर्शी हैं, जिससे भ्रष्टाचार बेहद कम है। भारत में भी डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस पर तेजी से काम हुआ है, लेकिन जमीनी स्तर पर अभी भी लालफीताशाही, देरी और भ्रष्टाचार जैसी समस्याएं पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं।




