बेंगलुरु। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने वोट चोरी के बड़े दावे के बाद चुनाव आयोग और पीएम मोदी पर एक साथ हमला बोला है। बेंगलुरु में वोट अधिकार रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वोट की चोरी करके पीएम बने हैं।
राहुल ने कहा कि नरेंद्र मोदी तीसरी बार सिर्फ 25 सीट के मार्जिन से प्रधानमंत्री बने हैं वो भी 25 ऐसी सीटें जहां बीजेपी 35 हजार या कम वोट से जीतीं। अगर चुनाव आयोग हमें इलेक्ट्रानिक डेटा उपलब्ध करा दे तो हम साबित कर देंगे कि नरेंद्र मोदी वोटों की चोरी करके प्रधानमंत्री बने हैं।
राहुल ने कहा- चुनाव आयोग को पिछले 10 साल की देश की सारी इलेक्ट्रानिक वोटर लिस्ट और वीडियोग्राफी देनी चाहिए। अगर ये सब नहीं देंगे तो यह क्राइम है। बीजेपी को चुनाव चोरी करने में चुनाव आयोग मदद कर रही है। पूरे देश को चुनाव आयोग से वोटर्स का डेटा मांगना चाहिए।
राहुल गांधी आज कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित फ्रीडम पार्क में आयोजित कांग्रेस की ‘वोट अधिकार रैली’ को संबोधित कर रहे थे। उनके साथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी रैली में शामिल हुए। बेंगलुरु पहुंचने से पहले राहुल गांधी ने X पोस्ट में लिखा- ‘वोट चोरी’ केवल चुनावी घोटाला नहीं, बल्कि संविधान और लोकतंत्र के साथ बड़ा विश्वासघात है। देश के गुनहगार सुन लें, वक्त बदलेगा, सजा जरूर मिलेगी।
इससे पहले राहुल ने गुरुवार को भी आरोप लगाया था कि कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में 1,00,250 फर्जी वोट बनाए गए जिससे बीजेपी को फायदा हुआ। बीजेपी-चुनाव आयोग की मिलीभगत से यह धांधली हुई है, जिसने पीएम नरेंद्र मोदी को तीसरी बार सत्ता में पहुंचाया।
कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा में 6.50 लाख वोट हैं। उसमें से 1 लाख 250 वोट चोरी किए गए, मतलब 6 में से 1 वोट इन्होंने चोरी किए। 5 तरीके से चोरी की गई। डुप्लीकेट वोटर मतलब एक वोटर ने कई बार वोट किया। एक वोटर ने 5-6 पोलिंग बूथ में वोट डाला।
इन लोगों का कोई एड्रेस भी नहीं है। करीब 40 हजार ऐसे वोट हैं। एक एड्रेस पर कई वोटर हैं। एक बेडरूम के घर में 40-50 वोटर दिखा दिए। जब हम उन्हें ढूंढने गए तो वहां कोई नहीं था। उस घर का मालिक बीजेपी नेता निकला।
कर्नाटक की सरकार पैसा देकर चोरी की गई थी। मेरे पास सबूत है कि लोकसभा में भी चोरी की गई। भाजपा की विचारधारा संविधान के खिलाफ है। कर्नाटक का डेटा निकालने में हमें 6 महीने लगे, 1 वोट को लाखों वोटर से चेक किया।
हर एक नाम को चेक किया, चुनाव आयोग का पूरा डेटा हमारे लिए सबूत है। हमें एक सीट की सच्चाई निकालने के लिए 6 महीने लगे, अगर EC ने डेटा नहीं दिया तो हम ये काम 20-25 सीटों पर भी कर सकते हैं। आप छिप नहीं सकते एक न एक दिन आपको विपक्ष का सामना करना पड़ेगा।
जहां फार्म-6 का मिस्यूज किया गया, वहां 34 हजार वोट थे। फार्म 6 नए वोटर्स के लिए होता है, लेकिन 34 हजार ऐसे वोटर्स हैं जिनकी एज 60, 70 और 80 साल है। डुप्लीकेट वोटर्स ने पहले कर्नाटक में वोट दिया। इसके बाद महाराष्ट्र और यूपी में भी वोट दिया।




