नई दिल्ली/श्रीनगर। धरती का जन्नत कही जाने वाली कश्मीर की वादियों में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकियों ने खूनी हमला कर एक बार फिर यह जता दिया है कि धारा-370 हटाने के बाद मोदी सरकार द्वारा ‘ऑल इज वेल’ के दावे में कोई दम नहीं है। 22 अप्रैल 2025 दिन मंगलवार को कश्मीर के पहलगाम में पर्यटन स्थल की जमीं पर उगे घास के मैदान में टट्टू की सवारी का आनंद ले रहे और आराम कर रहे लोगों पर सेना की वर्दी पहने आतंकवादियों द्वारा की गई गोलीबारी में कम से कम 27 लोग मारे गए। मारे गए लोगों में से अधिकतर देशी और विदेशी पर्यटक थे। पहलगाम की बैसरन घाटी में मंगलवार दोपहर 2.45 बजे हुए इस हमले में 20 से ज्यादा लोगों के घायल होने की भी खबर है।
इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के विंग द रजिस्टेंट फ्रंट यानी TRF ने ली है। फायरिंग के बाद आतंकी भाग निकले। खूफिया सूत्रों की मानें तो पहलगाम में हुए इस हमले में दो विदेशी और दो स्थानीय आतंकी शामिल थे। जम्मू-कश्मीर में 14 फरवरी 2019 को हुए पुलवामा हमले के बाद ये सबसे बड़ा हमला है। पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर फिदायीन हमला हुआ था जिसमें 40 जवान शहीद हुए थे। तब इसकी जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी।
मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि पर्यटकों को गोली मारने से पहले आतंकियों ने उनके नाम पूछे और कलमा भी पढ़वाया। इनमें एक यूपी के कानपुर निवासी शुभम द्विवेदी थे, जिनका नाम पूछने के बाद आतंकियों ने उनके सिर में गोली मार दी। मृतकों में उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और ओडिशा के पर्यटक हैं। नेपाल और यूएई के एक-एक पर्यटक और दो स्थानीय भी मारे गए।
इस भयानक खूनी आतंकी हमले के बाद देश के अन्य शहरों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सऊदी अरब का दो दिन दौरा बीच में ही छोड़कर बुधवार सुबह भारत लौट आए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह श्रीनगर पहुंच गए हैं। वह आज पहलगाम जाएंगे। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी अमित शाह से फोन पर बातचीत की है। अमेरिका, ईरान, रूस, इटली, यूएई सहित अन्य देशों ने पहलगाम हमले की घोर निंदा की है।
बहरहाल, पहलगाम में इस ताजा खूनी आतंकी हमले के बाद कश्मीर जाने वाले सैलानियों और कामगारों की संख्या में निश्चित तौर पर गिरावट आएगी। जिस तरह से आतंकियों ने नाम पूछ-पूछकर और चुन-चुनकर हिन्दुओं को निशाना बनाया है, आतंकियों का मैसेज साफ है कि वो कश्मीर में हिंदुओं को नहीं देखना चाहते। चाहे वो पर्यटक ही क्यों न हों। आतंकी हमले की इस भीषण वारदात को मोदी सरकार को गंभीरता से लेना होगा क्योंकि सरकार लगातार यह कहती आ रही थी कि कश्मीर की वादियों में धारा-370 हटाए जाने के बाद पूरी तरह से शांति का माहौल है। पहलगाम हमले से मोदी सरकार के इस दावे को बड़ा झटका लगा है।




