नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बड़ा हमला करते हुए कहा कि वह धांधली से पीएम बने हैं। भारत का इलेक्शन सिस्टम मर चुका है। हम आने वाले कुछ दिनों में आपको साबित कर देंगे कि लोकसभा चुनाव में कैसे धांधली हो सकती है और हुई है। राहुल ने पिछले 10 दिनों में तीसरी बार देश के इलेक्शन कमीशन पर निशाना साधा है।
दिल्ली के विज्ञान भवन में शनिवार को आयोजित एनुअल लीगल कॉन्क्लेव- 2025 को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री के पास बहुत कम बहुमत है। अगर 10-15 सीटों पर भी धांधली न होती तो वह भारत के प्रधानमंत्री नहीं होते। इससे पहले राहुल ने 1 अगस्त को कहा था कि चुनाव आयोग वोटों की चोरी करा रहा है। हमने 6 महीने तक अपने स्तर से जांच कराई। हमारे पास एटम बम है। जब फटेगा तो चुनाव आयोग बचेगा नहीं। राहुल के इस बयान का जवाब देते हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अगर आपके पास एटम बम है तो उसे फोड़ दें लेकिन इतना ख्याल रखें कि आप सुरक्षित रहें।
लीगल कॉन्क्लेव में राहुल ने कहा कि 2014 से ही मुझे इलेक्शन सिस्टम पर संदेह रहा है। भाजपा की इतनी बड़ी जीत मेरे लिए आश्चर्यजनक था। मैं बिना सबूत के कुछ नहीं कह सकता था, लेकिन अब मैं बिना किसी संदेह के कहता हूं कि हमारे पास सबूत हैं। लोकसभा में हम चुनाव जीते और फिर चार महीने बाद हम न सिर्फ हारे, बल्कि पूरी तरह से खत्म हो गए। हमने पाया कि महाराष्ट्र में, लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच एक करोड़ नए मतदाता जुड़े। इतना ही नहीं, इनमें से ज्यादातर वोट भाजपा को पड़े हैं।
राहुल ने कहा कि भारतीय संविधान की रक्षा करने वाली संस्था को मिटाकर उस पर कब्जा कर लिया गया है। हमारे पास ऐसे सबूत हैं जो पूरे देश को दिखा देंगे कि चुनाव आयोग जैसी संस्था का कोई अस्तित्व ही नहीं है। यह गायब हो गई है।
चुनाव आयोग जैसी संस्था ठीक से काम नहीं करती। आपको जानकर हैरानी होगी कि चुनाव आयोग जो दस्तावेज उपलब्ध कराता है, उन्हें स्कैन या कॉपी नहीं किया जा सकता। चुनाव आयोग मतदाता सूची पर स्कैन और कॉपी प्रोटेक्शन क्यों लागू करता है?
राहुल के बयान पर चुनाव आयोग का पलटवार
चुनाव आयोग ने शुक्रवार को एक बयान जारी करते हुए कहा कि चुनाव आयोग ऐसे निराधार आरोपों को नजरअंदाज करता है। बयान में कहा गया कि लगातार दी जा रही धमकियों के बावजूद, हम सभी चुनाव अधिकारियों से कहना चाहते हैं कि वे पहले की तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से काम करें। गैरजिम्मेदाराना बयानों को नजरअंदाज करें।
एक बार फिर शनिवार को चुनाव आयोग ने 12 जून 2025 को राहुल गांधी को भेजा गया पत्र जारी किया। आयोग के मुताबिक, यह पत्र उन्होंने महाराष्ट्र चुनाव को लेकर दिए गए बयानों पर भेजा था और मुलाकात कर आरोप साबित करने को कहा था। आयोग की मानें तो राहुल ने अब तक इस पत्र का कोई जवाब नहीं दिया और न ही मुलाकात की।
चुनाव आयोग की ओर से जारी किए गए लेटर में लिखा है कि कांग्रेस ने पहले भी नवंबर 2024 के चुनावों के बाद ऐसे ही आरोप लगाए थे, जिनका विस्तृत जवाब 24 दिसंबर 2024 को दिया गया था। पत्र में बताया गया है कि चुनाव पूरी पारदर्शिता से, कानून के अनुसार और हजारों अधिकारियों की निगरानी में कराए गए। आयोग ने यह भी कहा कि अगर कांग्रेस को कोई कानूनी आपत्ति थी तो वह कोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल कर सकती थी।
चुनाव आयोग ने लिखा, फिर भी यदि राहुल गांधी को कोई शिकायत है तो वे आयोग को लिख सकते हैं या व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर सकते हैं। आयोग ने बातचीत के लिए तारीख और समय का सुझाव भी दिया है।




