Bihar Assembly Election 2025 : भारी मतदान कर बिहार के मतदाताओं ने रचा इतिहास

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए दो चरणों का मतदान पूरी तरह से संपन्न हो गया है। 11 नवंबर 2025 (मंगलवार) को दूसरे और आखिरी चरण का मतदान खत्म होने के बाद बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी विनोद सिंह गुजियाल ने बताया कि ‘दूसरे चरण में 20 जिलों की 122 सीटों पर 69.12% मतदान हुआ है। पहले फेज में 6 नवंबर (गुरुवार) को 65.08% वोटिंग हुई थी।

दोनों चरणों को मिलाकर बात करें तो कुल 67.13% मतदान हुआ है। आजादी के बाद से लेकर आज तक बिहार में विधानसभा के चुनाव में कभी इतनी अधिक वोटिंग नहीं हुई थी। चुनाव आयोग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति पर भरोसा करें तो दोनों चरणों के औसत मतदान में पुरूषों का मतदान प्रतिशत 62.98 प्रतिशत रहा तो महिलाओं ने 71.78 प्रतिशत वोटिंग कर एक बार फिर से इतिहास रच दिया।

पहले चरण में 65.08% मतदान
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण की 121 सीटों पर 65.08% वोटिंग हुई। मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर में 71% से अधिक वोटिंग हुई जो रिकॉर्ड है। चुनाव आयोग के मुताबिक, वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में 57.29 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। इसमें 59.69 प्रतिशत महिलाओं और 54.45 प्रतिशत पुरुषों ने वोट दिया था। इस बार के चुनाव में पहले चरण में पुरुषों ने 61.56 फीसदी तो महिलाओं ने 69.04 फीसदी वोट दिया। पुरुषों के मुकाबले महिलाओं ने लगभग 8 फीसदी अधिक वोटिंग की।

दूसरे फेज में रिकॉर्ड 69.12% वोटिंग
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए अंतिम चरण में पहले चरण से भी अधिक 69.12 प्रतिशत वोटिंग हुई। मुस्लिम बहुल किशनगंज में सबसे ज्यादा 77.75% मतदान हुआ जबकि नवादा में सबसे कम 57.76% वोट डाले गए। पहले चरण की तरह दूसरे चरण में भी महिलाओं का वोटिंग प्रतिशत 74.03 रहा, जबकि पुरुष वोटर की भागीदारी 64.01 प्रतिशत रही। इससे पहले 1998 के चुनाव में महिलाओं की चुनावी भागीदारी 73.86% थी, जबकि पुरुषों ने 64.60% वोट किए थे।

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प्रवीण कुमार
मैं कौन हूं, क्या हूं, क्यों हूं, यह सब खुद मुझे भी नहीं पता क्यों कि खुद के बारे में बताना, जताना या उकेरना सबसे मुश्किल काम होता है। हां! बुद्ध, गांधी, विवेकानंद और गीता के दर्शन से मैंने अपने जीवन को संवारने की कोशिश जरूर की है। बिहार के बेगूसराय जिले का रहने वाला हूं। जाने-अनजाने में पत्रकारिता के आंगन में ढाई दशक से अधिक वक्त से कूद-फांद कर रहा हूं। शुरूआती दौर में जी भरकर देश के तमाम राष्ट्रीय और क्षेत्रीय अखबारों और पत्रिकाओं में वैचारिक लेखन किया। सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विषयों पर लिखने में अपनी रूचि रहती है। फिलहाल भारत सरकार से मान्यता प्राप्त स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर लेखन कर रहा हूं। डिजिटल और सोशल मीडिया कंसल्टेंट के तौर भी हाथ साफ करता रहता हूं। 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान फेक न्यूज़ की बयार को गहराई से जांचा परखा था। उससे पहले नोएडा स्थित ज़ी न्यूज़ में हिन्दी वेबसाइट की शुरूआत कर काफी लंबा वक्त गुजारा। इससे भी पीछे का पूछेंगे तो करीब डेढ़ दशक तक दैनिक हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, अमर उजाला, दैनिक भास्कर समेत कई राष्ट्रीय व क्षेत्रीय अखबारों के संपादकीय विभाग में अलग-अलग भूमिकाओं को निभाते हुए एक पत्रकार के तौर पर अपनी पहचान बनाने की कोशिश की, एक बेहतर इंसान भी बनने की कोशिश की, पर कितना बन पाया ये सब ''ऊपर वाले पर'' छोड़ता हूं...

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