भुवनेश्वर। ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल (BJD) के मुखिया नवीन पटनायक ने सोमवार को अपने पिता बीजू पटनायक पर टिप्पणी को लेकर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे पर जबरदस्त तरीके से पलटवार किया है।
भुवनेश्वर में पत्रकारों से बातचीत में नवीन पटनायक ने कहा- बीजेपी सांसद का बयान बेहद आपत्तिजनक है और उन्हें किसी मनोचिकित्सक की जरूरत है। पटनायक ने कहा- मैं उस समय करीब 13 साल का था और मुझे याद है कि चीनी हमले को लेकर बीजू बाबू कितने गुस्से में थे। उन्होंने उसे रोकने के लिए क्या नहीं किया।
दरअसल, बीते 27 मार्च को निशिकांत दुबे ने दावा किया था कि 1962 में चीन से युद्ध के दौरान बीजू पटनायक, तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, अमेरिका और सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी के बीच की कड़ी थे। दुबे की इस टिप्पणी के विरोध में बीजेडी सांसदों ने राज्यसभा से वॉकआउट किया था। कार्यवाही शुरू होते ही संबित पात्रा ने कहा- निशिकांत दुबे ने बीजू पटनायक को सीआईए एजेंट बताया है जो पूरी तरह गलत और मनगढ़ंत बयान है।
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने 27 मार्च को दावा किया था कि पंडित जवाहर लाल नेहरू ने 1962 का चीन युद्ध अमेरिकी पैसे और सीआईए एजेंटों की मदद से लड़ा था। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उस समय ओडिशा के मुख्यमंत्री बीजू पटनायक अमेरिका सरकार, सीआईए और पंडित नेहरू के बीच कड़ी थे।
दुबे ने यह भी कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया पर नेहरू के दो पत्र जारी किए हैं जिनमें अधिकारियों, खासतौर पर अमेरिकी राजदूत को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आगे कहा- 1963-64 में अमेरिका के कहने पर नंदा देवी पर एक न्यूक्लियर डिवाइस लगाया गया था जो आज तक नहीं मिला है।
भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि ओडिशा का चारबतिया एयरबेस जिसमें बीजू पटनायक की भूमिका थी, U-2 जासूसी विमानों के लिए बनाया गया था और 1963 से 1979 तक अमेरिका ने इसका इस्तेमाल किया।
मालूम हो कि बीजू पटनायक दो बार (1961-63, 1990-95) ओडिशा के मुख्यमंत्री रहे। वे स्वतंत्रता सेनानी थे और 1947 में इंडोनेशियाई सेनानियों को बचाने के लिए जकार्ता उड़ान जैसे मिशनों के लिए जाने जाते हैं।




