नई दिल्ली/मुंबई। हालिया लोकसभा चुनावों में जब महाविकास अघाड़ी का शानदार प्रदर्शन रहा था तब यह कहा गया था कि महाराष्ट्र में अल्पसंख्यक समुदाय ने लामबंद होकर वोटिंग की। इससे कांग्रेस के अगुवाई वाली महाविकास आघाड़ी को फायदा मिला।
लोकसभा चुनावों में एमवीए को राज्य की 288 सीटों में 150 पर बढ़त हासिल हुई थी, लेकिन लोकसभा के हिसाब से देखें तो पांच महीने बाद ही हवा निकल गई और विधानसभा चुनाव में एमवीए ने 100 सीटें गंवा दीं। महायुति की प्रचंड लहर में विपक्ष 50 से कम सीटों पर सिमट गया।
ताजा जनादेश के आंकड़े बताते हैं कि महायुति और एमवीए की आमने-सामने की टक्कर में बीजेपी ने सबसे ज्यादा मुस्लिम बहुल सीटों पर कब्जा जमाया है। पूरे महाराष्ट्र की बात करें तो मुस्लिम वोटर 10 फीसदी हैं। लेकिन महाराष्ट्र की जिन 38 सीटों पर जहां मुस्लिम आबादी 20% से अधिक है, बीजेपी ने 14 सीटें निकाली हैं। 2019 के मुकाबले 3 सीटें ज्यादा।
कांग्रेस ने पांच साल पहले इन 38 में से 11 सीटें जीती थी जो इस चुनाव में घटकर सिर्फ पांच रह गई। महायुति को कुल 22 और एमवीए को सिर्फ 13 सीटें ही मिलीं। महायुति के घटक शिवसेना ने छह और एनसीपी को दो सीटें मिलीं। एमवीए की घटक शिवसेना (यूबीटी) को छह और एनसीपी (एसपी) को दो सीटें मिलीं। शेष तीन सीटों में से सपा को दो और एआईएमआईएम को एक सीट मिली।
आइये जानते हैं महाराष्ट्र की ऐसी 38 सीटें जिनमें 20 प्रतिशत से अधिक मुस्लिम वोटर हैं उनमें किन-किन सीटों पर किस-किस पार्टी ने कितनी-कितनी सीटों पर अपना कब्जा जमाया…
बीजेपी 14 सीटें : भिवंडी पश्चिम, औरंगाबाद पश्चिम, अंधेरी पश्चिम, अकोट, वांद्रा वेस्ट, सोलापुर सेंट्रल, नागपुर सेंट्रल, धुले, सायन वाडा, करंजा, पुणे कैंटोनमेंट, रावेर, वाशिम और मलकापुर।
कांग्रेस 5 सीटें : मलाड पश्चिम, लातूर सिटी, मुंबादेवी, अकोला पश्चिम और धारावी।
शिंदे शिवसेना 6 सीटें : औरंगाबाद सेंट्रल, कुर्ला, चांदिवली, नांदेड़ उत्तर, नांदेड़ दक्षिण और बीड।
शिवसेना उद्धव 6 सीटें : बायकुला, वर्सोवा, बांद्रा ईस्ट, परभणी, कलिना और बालापुर।
एनसीपी अजित पवार 2 सीटें : अमरावती और अणुशक्ति नगर।
एनसीपी शरद 2 सीटें : मुंब्रा कलवा और जालना।
समाजवादी पार्टी 2 सीटें : मानखुर्द-शिवाजी नगर और भिवंडी ईस्ट।
एआईएमआईएम 1 सीटें : मालेगांव सेंट्रल।




