ब्रिटेन की राजनीति में फिर से भूचाल! कीर स्टार्मर ने प्रधानमंत्री के पद से दिया इस्तीफा

नई दिल्ली। ब्रिटेन की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। कीर स्टार्मर (Keir Starmer) ने आज प्रधानमंत्री और लेबर पार्टी के नेता पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है। उनके इस फैसले से ब्रिटेन की राजनीति में भूचाल आ गया है और सत्ता के गलियारों में उत्तराधिकारी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इससे पहले 5 जुलाई 2024 को आम चुनाव में हार के बाद ऋषि सुनक (Rishi Sunak) ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर राष्ट्र को संबोधित करते हुए कीर स्टार्मर ने कहा कि उन्हें महसूस हुआ है कि पार्टी अब अगले आम चुनाव में उनके नेतृत्व को लेकर बहुत आश्वस्त नहीं है। चूंकि लोकतांत्रिक राजनीति में नेतृत्व का आधार विश्वास होता है और जब पार्टी का भरोसा कमजोर पड़ने लगे तो पद छोड़ना ही उचित रास्ता होता है।

आखिर क्यों बढ़ा स्टार्मर पर इस्तीफे का दबाव?

साल 2024 के आम चुनाव में ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले स्टार्मर पिछले कुछ महीनों से लगातार आलोचनाओं का सामना कर रहे थे। महंगाई, आर्थिक चुनौतियों, सार्वजनिक सेवाओं की स्थिति और कई नीतिगत फैसलों को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ रहा था। स्थानीय चुनावों और उपचुनावों में लेबर पार्टी के प्रदर्शन को लेकर भी सवाल उठने लगे थे। कई सांसदों और वरिष्ठ नेताओं का मानना था कि स्टार्मर की लोकप्रियता पहले जैसी नहीं रही और आगामी चुनावों में पार्टी को नुकसान हो सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह इस्तीफा केवल एक व्यक्ति का पद छोड़ना नहीं, बल्कि लेबर पार्टी के भीतर चल रही नेतृत्व की खींचतान का परिणाम है।

एंडी बर्नहैम पीएम पद के सबसे बड़े दावेदार

स्टार्मर के इस्तीफे के बाद पीएम पद के सबसे बड़े दावेदार के तौर पर चर्चा एंडी बर्नहैम की हो रही है। पार्टी के भीतर उन्हें ऐसा नेता माना जाता है जो लेबर पार्टी के अलग-अलग गुटों को साथ लेकर चल सकते हैं। स्वास्थ्य मंत्री रह चुके बर्नहैम ने कोविड काल में केंद्र सरकार के खिलाफ मुखर रुख अपनाकर अपनी अलग पहचान बनाई थी। आम लोगों के मुद्दों पर खुलकर बोलने की उनकी शैली ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय बनाया। हालिया उपचुनाव में जीत के बाद उनकी राजनीतिक स्थिति और मजबूत मानी जा रही है। पार्टी के कई सांसद उन्हें ऐसा चेहरा मान रहे हैं जो लेबर पार्टी को फिर से नई ऊर्जा दे सकता है।

हालांकि बर्नहैम को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है, लेकिन नेतृत्व की दौड़ सिर्फ उन्हीं तक सीमित नहीं है। उपनेता एंजेला रेनर, अनुभवी नेता यवेट कूपर और नई पीढ़ी के चर्चित चेहरे वेस स्ट्रीटिंग भी संभावित उम्मीदवारों में शामिल बताए जा रहे हैं। ऐसे में लेबर पार्टी का पीएम चुनाव दिलचस्प और प्रतिस्पर्धी हो सकता है।

जानिए! नया प्रधानमंत्री चुनने की प्रक्रिया

भारत की तरह ब्रिटेन में भी प्रधानमंत्री का चुनाव सीधे जनता नहीं करती। जनता सांसद चुनती है और संसद में बहुमत रखने वाली पार्टी का नेता प्रधानमंत्री बनता है। चूंकि वर्तमान में लेबर पार्टी सत्ता में है, इसलिए पार्टी का नया नेता ही ब्रिटेन का अगला प्रधानमंत्री बनने की सबसे मजबूत स्थिति में होगा। इसके लिए नए आम चुनाव की जरूरत नहीं होगी। लेबर पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति (NEC) पीएम के चुनाव की प्रक्रिया तय करेगी। जुलाई के मध्य तक नए नेता के चयन की संभावना जताई जा रही है।

10 साल में ब्रिटेन चुनेगा 7वां प्रधानमंत्री!

यदि स्टार्मर का इस्तीफा अंतिम रूप लेता है जो लगभग तय है तो ब्रिटेन को 10 वर्षों में सातवां प्रधानमंत्री मिलेगा। पिछले एक दशक में ब्रिटिश राजनीति लगातार नेतृत्व परिवर्तन और राजनीतिक अस्थिरता का सामना करती रही है। ब्रेक्जिट से लेकर आर्थिक संकट और आंतरिक राजनीतिक संघर्षों तक, ब्रिटेन की राजनीति बार-बार बड़े बदलावों की गवाह बनी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि लेबर पार्टी किस चेहरे पर दांव लगाती है और क्या नया नेता देश को राजनीतिक स्थिरता दे पाएगा।

स्टार्मर के इस्तीफे के साथ ब्रिटेन में पिछले 10 वर्षों के दौरान प्रधानमंत्री बदलने का सिलसिला जारी है। डेविड कैमरन के बाद यह छठा मौका होगा जब कोई ब्रिटिश प्रधानमंत्री कार्यकाल पूरा होने से पहले पद छोड़ रहा है। ऋषि सुनक (Rishi Sunak) ने 5 जुलाई 2024 को आम चुनाव में हार के बाद प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद लेबर पार्टी के नेता कीर स्टार्मर (Keir Starmer) ने प्रधानमंत्री पद संभाला था। ब्रिटेन के हालिया प्रधानमंत्रियों का क्रम इस प्रकार रहा है-

1. David Cameron (2010-2016)
2. Theresa May (2016-2019)
3. Boris Johnson (2019-2022)
4. Liz Truss (2022)
5. Rishi Sunak (2022-2024)
6. Keir Starmer (2024-2026)

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सत्ता विमर्श डेस्क
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