Satta Vimarsh

राजपथ

मोबोक्रेसी पर SC का चाबुक

मोबोक्रेसी पर SC का चाबुक

21 वीं सदी के भारत में मॉब लिंचिग या भीड़तंत्र के लिए जैसे सख्त रूख की जरूरत थी सुप्रीम कोर्ट ने ठीक वैसा ही किया। मोबोक्रेसी की डिमोक्रेसी में कोई जगह नहीं है और इसकी जिम्मेदारी सरकारों की है। कानून-व्यवस्था का दारोमदार जहां राज्य सरकारों पर है वहीं नए कानून को गढ़ने की मशक्कत केन्द्र को करनी होगी। कानून सख्त हो, लोगों को सबक सिखाए इसका पूरा ख्याल सर्वोच्च अदालत ने रखा है। इसलिए दिशा निर्देश का ऐसा चाबुक चलाया है जो भीड़तंत्र को काबू करने में सक्षम हो और इसके खिलाफ जाने वालों को, चाहें वो बड़ा अधिकारी हो या फिर जिम्मेदार प्रतिनिधि उसकी नकेल कस सके।