चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन होंगे देश के 15वें उपराष्ट्रपति

नई दिल्ली। भाजपा नीत एनडीए गठबंधन के उम्मीदवार और महाराष्ट्र के राज्यपाल चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन (Chandrapuram Ponnusamy Radhakrishnan) देश के 15वें उपराष्ट्रपति चुने गए हैं। 9 सितंबर 2025 मंगलवार को उपराष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनावों में उनके समर्थन में कुल 452 वोट पड़े। मालूम हो कि जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई 2025 को खराब सेहत का हवाला देकर उपराष्ट्रपति पद से अचानक इस्तीफा दे दिया था। उनका कार्यकाल 10 अगस्त 2027 तक था।

उपराष्ट्रपति चुनाव के निर्वाचन अधिकारी पीसी मोदी ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में बताया कि मतगणना शाम छह बजे शुरू हुई। कुल 767 सांसदों ने उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए वोट किया। इनमें से 752 मत वैध थे। 15 मत अमान्य करार दिए गए। एनडीए उम्मीदवार राधाकृष्णन को प्रथम वरीयता के 452 वोट मिले। वहीं इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवार जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी को प्रथम वरीयता के 300 वोट मिले। इस तरह से राधाकृष्णन ने 152 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।

कांग्रेस ने इंडिया के 315 सांसदों के वोट का दावा किया था। उस गणित से देखें तो इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवार को 15 वोट कम मिले। बीआरएस और बीजेडी ने चुनाव में भाग नहीं लिया, जबकि राज्यसभा में बीआरएस के 4 और बीजेडी के 7 सांसद हैं। लोकसभा में इकलौते सांसद वाले शिरोमणि अकाली दल ने भी पंजाब में बाढ़ का हवाला देते हुए वोट डालने से इनकार कर दिया।

चुनाव का गणित : इलेक्टोरल कॉलेज (लोकसभा+राज्यसभा) में कुल 788 सदस्य हैं। इनमें 245 राज्यसभा और 543 लोकसभा से हैं। मौजूदा समय में इन सदस्यों की कुल संख्या 781 (542+239) है। ऐसे में चुनाव में जीत के लिए 384 मतों की जरूरत थी। बीजेपी नीत एनडीए के पास लोकसभा में 293 सांसद हैं और राज्यसभा सदस्यों की संख्या 129 है। जबकि, इंडिया गठबंधन के पास कुल 325 सांसद हैं। इस लिहाज से राधाकृष्णन की जीत पहले से ही तय मानी जा रही थी। ऊपर से आंध्र प्रदेश के विपक्षी दल वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने भी एनडीए उम्मीदवार का साथ देने का फैसला किया था। पार्टी के पास 11 सांसद हैं। वहीं, असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार का समर्थन किया।

हालांकि पिछले उपराष्ट्रपति चुनाव की बात करें तो उस चुनाव में एनडीए के उम्मीदवार जगदीप धनखड़ ने बड़ी जीत हासिल की थी। अगस्त 2022 में हुए चुनावों में कुल 725 वोटों में से जगदीप धनखड़ को 528 वोट मिले थे यानी वे 197 वोटों के साथ क़रीब 73% मतों के साथ विजयी हुए थे जबकि इस बार के चुनाव में जीत का अंतर 152 वोट रहा जो काफी कम है।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा- उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी एकजुटता की वजह से हमारा प्रदर्शन सम्मानजनक रहा। इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को 40% वोट मिले। जबकि 2022 के उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष को 26% वोट मिले थे। अंकों में भाजपा भले ही जीती हो लेकिन ये उनकी नैतिक हार है। वैचारिक लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।

विपक्ष के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी ने हार के बाद लिखा- आज, सांसदों ने भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनाव में अपना फैसला सुना दिया है। मैं लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में अटूट विश्वास के साथ इस परिणाम को विनम्रतापूर्वक स्वीकार करता हूं। नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन को उनके कार्यकाल की शुरुआत के लिए शुभकामनाएं।

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सत्ता विमर्श डेस्क
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