मतदाता सूची से नाम हटाने पर पश्चिम बंगाल में सियासत तेज, ममता ने भरी हुंकार

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची से मतदाताओं के नाम हटाने के मुद्दे पर तीखा हमला बोलते हुए ममता बनर्जी ने इसे “खतरनाक साजिश” बताया और मतदाताओं से “लोकतांत्रिक बदला” लेने की अपील की। ममता ने कहा कि यह कदम वैध भारतीय नागरिकों को अपने ही राज्य में अवैध बनाने की कोशिश है।

बीते रविवार को समसेरगंज में एक रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पर सवाल उठाए और इसे कथित बीजेपी-चुनाव आयोग गठजोड़ का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि इस महीने होने वाला विधानसभा चुनाव जनता के लिए जवाब देने का बड़ा मौका है।

ममता ने कहा, “जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उनसे बदला लें वोट के जरिए। बदला लेने का यह भाव चुनाव नतीजो में साफ दिखना चाहिए।” ममता ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को इस परिस्थिति में जनता का एकमात्र हथियार बताया।

ममता ने नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर निशाना साधते हुए यह सवाल भी किया कि अगर 2024 के लोकसभा चुनाव की मतदाता सूची में “घुसपैठिए” थे तो उसी सूची से जीतकर सत्ता में आने के बाद अब उसे गलत कैसे ठहराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ममता ने इस बात की आशंका जताई कि चुनाव के दौरान EVM में बड़ी गड़बड़ी की कोशिश हो सकती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि यदि मशीन में खराबी आए तो उसे ठीक कराने के बजाय तुरंत बदलने की मांग करें और पारदर्शिता सुनिश्चित करें।

बीच चुनाव लगभग 500 राज्य अधिकारियों के तबादले पर भी ममता ने नाराजगी जताई और इसे राज्य की स्वायत्तता में हस्तक्षेप बताया। उन्होंने केंद्र सरकार पर महिलाओं, युवाओं और श्रमिकों के खिलाफ नीतियां अपनाने का आरोप लगाया।

ममता ने कहा, “लोगों को सिर्फ बंगाली बोलने के कारण घुसपैठिया बताया जा रहा है। पहले वे बंगाल को निशाना बना रहे हैं, फिर पूरे देश में ऐसा ही करेंगे।” उन्होंने बीजेपी को सत्ता से हटाने के लिए देशव्यापी आंदोलन की भी बात कही।

ममता ने अमित शाह के भवानीपुर दौरे के दौरान हुई अव्यवस्था को “बाहरी लोगों द्वारा किया गया सुनियोजित हमला” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी समर्थकों ने उनके पोस्टरों का अपमान किया और अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर अभद्र व्यवहार किया। ममता ने बीजेपी पर “धार्मिक जहर” फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसी पार्टी को एक भी वोट नहीं मिलना चाहिए।

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सत्ता विमर्श डेस्क
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