नई दिल्ली : यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन यानी यूपीएससी ने लेटरल एंट्री के जरिए सीधे 45 जॉइंट सेक्रेटरी, डिप्टी सेक्रेटरी और डायरेक्टर पद की नौकरियां निकाली हैं। इन पदों की अधिसूचना शनिवार 17 अगस्त को जारी किया गया। अधिसूचना के तहत 3 साल के लिए सरकार के मंत्रालयों में इन पदों को भरा जाएगा। जैसे ही अधिसूचना अखबारों में प्रकाशित हुई, सियासी गलियारों में घमासान शुरू हो गया है।
रविवार 18 अगस्त को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा- नरेंद्र मोदी संघ लोक सेवा आयोग की जगह ‘राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ’ के ज़रिए लोकसेवकों की भर्ती कर संविधान पर हमला कर रहे हैं। केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में महत्वपूर्ण पदों पर लेटरल एंट्री के ज़रिए भर्ती कर खुलेआम SC, ST और OBC वर्ग का आरक्षण छीना जा रहा है। मैंने हमेशा कहा है कि टॉप ब्यूरोक्रेसी समेत देश के सभी शीर्ष पदों पर वंचितों का प्रतिनिधित्व नहीं है, उसे सुधारने के बजाय लेटरल एंट्री द्वारा उन्हें शीर्ष पदों से और दूर किया जा रहा है। यह UPSC की तैयारी कर रहे प्रतिभाशाली युवाओं के हक़ पर डाका और वंचितों के आरक्षण समेत सामाजिक न्याय की परिकल्पना पर चोट है। ‘चंद कॉरपोरेट्स’ के प्रतिनिधि निर्णायक सरकारी पदों पर बैठ कर क्या कारनामे करेंगे इसका ज्वलंत उदाहरण SEBI है, जहां निजी क्षेत्र से आने वाले को पहली बार चेयरपर्सन बनाया गया। प्रशासनिक ढांचे और सामाजिक न्याय दोनों को चोट पहुंचाने वाले इस देश विरोधी कदम का INDIA मजबूती से विरोध करेगा। ‘IAS का निजीकरण’ आरक्षण खत्म करने की ‘मोदी की गारंटी’ है।
बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और विपक्षी नेता तेजस्वी यादव ने इस रिक्रूटमेंट नोटिफिकेशन पर मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने अपने एक्स पर लिखा, ‘इसमें किसी भी तरह के आरक्षण का प्रावधान नहीं है। अगर यूपीएससी यही भर्ती सिविल सर्विस परीक्षा के जरिए करती तो उसे एससी, एसटी, ओबीसी को आरक्षण देना पड़ता यानी 45 में से 22-23 अभ्यर्थी दलित, पिछड़ा और आदिवासी वर्गों से चयन करने होते।’
दरअसल जॉइंट सेक्रेटरी, डिप्टी सेक्रेटरी की 10 पोस्ट होम, फाइनेंस और स्टील मिनिस्ट्री में निकाली गई हैं। कृषि एवं किसान कल्याण, नागरिक उड्डयन और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालयों में डायरेक्टर/डिप्टी सेक्रेटरी लेवल की 35 पोस्ट भरी जाएंगी। योग्य अभ्यर्थी 17 सितंबर, 2024 तक ऑफिशियल वेबसाइट upsconline.nic.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इस नोटिफिकेशन के जरिए सीधे इन पदों पर भर्ती की जाएगी। इससे पहले 2019 में भी इन पदों पर भर्तियां की गईं थीं।
यह सरकारी नौकरी तीन सालों के लिए कॉन्ट्रेक्ट बेस पर होगी। जॉइंट सेक्रेटरी पद पर 15 साल, डायरेक्टर के लिए 10 साल और डिप्टी सेक्रेटरी के लिए 7 साल का कार्य अनुभव मांगा गया है। वहीं, पदों के हिसाब से शैक्षिक योग्यता भी निर्धारित की गई है। इसका पूरा विवरण ऑफिशियल नोटिफिकेशन में दिया गया है।
मालूम हो कि सिविल सर्विस की परीक्षा पास करने और बतौर सिविल सर्वेंट ऑफिसर के तौर पर लंबा कार्यकाल पूरा करने के बाद ही कोई अधिकारी जॉइंट सेक्रेटरी के लिए योग्य होते हैं। लेटरल एंट्री के जरिए आप बिना किसी परीक्षा के सीधे इस पद पर नौकरी पा सकते हैं। निजी क्षेत्र के विशेषज्ञ तो इसे बेहतरीन मौके के तौर पर देख रहे हैं।




