दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत

नई दिल्ली : दिल्ली शराब घोटाला से जुड़े सीबीआई केस में सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को कुछ शर्तों के साथ जमानत दे दी है। कोर्ट ने सीबीआई की गिरफ्तारी को नियमों के तहत बताया जरूर, लेकिन साथ में यह भी जोड़ा कि ईडी मामले में जमानत मिलने के बावजूद केजरीवाल को जेल में रखना न्याय का मजाक उड़ाना होगा। गिरफ्तारी की ताकत का इस्तेमाल बहुत सोच-समझकर किया जाना चाहिए।

सीबीआई ने सीएम केजरीवाल को 26 जून 2024 को अरेस्ट किया था। दिल्ली सीएम ने इस गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए जमानत याचिका लगाई थी। 5 सितंबर को पिछली सुनवाई में कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।

अरविंद केजरीवाल की जमानत पर कोर्ट की ये हैं 5 शर्तें

  1. अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री कार्यालय नहीं जा सकेंगे।
  2. किसी भी सरकारी फाइल पर दस्तखत नहीं करेंगे।
  3. केस से जुड़ा कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं करेंगे।
  4. जांच में बाधा डालने या गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करेंगे।
  5. जरूरत पड़ने पर ट्रायल कोर्ट में पेश होंगे और जांच में सहयोग करेंगे।

केजरीवाल के खिलाफ दो जांच एजेंसी ईडी और सीबीआई ने केस दर्ज किया है। ईडी मामले में दिल्ली सीएम को सुप्रीम कोर्ट से 12 जुलाई को ही जमानत मिल चुकी है। जमानत पर केजरीवाल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने 2 अहम दलीलें दी थी।

पहली यह कि सीबीआई कहती है कि अरविंद केजरीवाल सहयोग नहीं कर रहे हैं। कोर्ट के ही आदेश में कहा गया है कि यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि आरोपी खुद को दोषी बता दे।

दूसरी दलील यह कि केजरीवाल एक संवैधानिक पद पर हैं, उनके भागने की कोई आशंका नहीं, सबूतों से छेड़छाड़ नहीं हो सकती, क्योंकि लाखों दस्तावेज और 5 चार्जशीट मौजूद हैं। गवाहों को प्रभावित करने का खतरा भी नहीं है। लिहाजा बेल की सभी जरूरी शर्तें हमारे पक्ष में हैं।

दूसरी तरफ जमानत के खिलाफ सीबीआई ने भी अपनी दलीलें पेश की थी। पहली दलील में सीबीआई ने कहा था- मनीष सिसोदिया, के. कविता सभी पहले जमानत के लिए ट्रायल कोर्ट गए थे। केजरीवाल सांप-सीढ़ी के खेल की तरह शॉर्टकट अपना रहे। केजरीवाल को ट्रायल कोर्ट जाना चाहिए।

दूसरा, मुख्यमंत्री केजरीवाल को लगता है कि वे एक एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी व्यक्ति हैं, जिनके लिए अलग व्यवस्था होनी चाहिए। अगर केजरीवाल को जमानत दी जाती है तो ये फैसला हाईकोर्ट को निराश करेगा।

दिल्ली शराब नीति केस में अरविंद केजरीवाल को ईडी ने 21 मार्च को गिरफ्तार गिरफ्तार किया था। 10 दिन की पूछताछ के बाद 1 अप्रैल को तिहाड़ जेल भेजा गया था। 10 मई को 21 दिन के लिए लोकसभा चुनाव में प्रचार के लिए रिहा किया गया। ये रिहाई 51 दिन जेल में रहने के बाद मिली थी। 2 जून को केजरीवाल ने तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया।

आज यानी 13 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल जाने के बाद अरविंद केजरीवाल 177 दिन बाद जेल से बाहर आएंगे। इसमें से वह 21 दिन अंतरिम जमानत पर रहे। मतलब यह कि केजरीवाल ने अब तक कुल 156 दिन जेल में बिताए हैं। इस दौरान केजरीवाल को तीन बार जमानत मिली थी।

पहली जमानत 10 मई को सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा चुनाव प्रचार के दिन 21 दिन के लिए दी थी। 2 जून को सरेंडर करना पड़ा। दूसरी जमानत 20 जून को ईडी केस में ट्रायल कोर्ट ने यह कहकर दिया था कि केजरीवाल के खिलाफ सीधे तौर पर कोई सुबूत नहीं हैं। लेकिन हाईकोर्ट ने इस जमानत पर रोक लगा दी थी।

तीसरी जमानत 12 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने ईडी केस में दी थी जिसमें कहा गया था कि केजरीवाल 90 दिन से जेल में हैं, लिहाजा जमानत जरूरी है। अब सीबीआई केस में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के साथ केजरीवाल जेल से बाहर आ जाएंगे।

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सत्ता विमर्श डेस्क
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