
नई दिल्ली: दक्षिणी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक रेस्टोरेंट-होटल में बुधवार सुबह लगी भीषण आग ने बड़ी त्रासदी का रूप ले लिया। हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 17 लोग घायल हैं और 9 की हालत गंभीर बताई जा रही है। मृतकों में कई विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आग लगने के बाद होटल में अफरा-तफरी मच गई। घना धुआं और बाहर निकलने के सीमित रास्तों के कारण कई लोग अंदर ही फंस गए। राहत एवं बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर लोगों को बाहर निकाला और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
अस्पतालों से मिले आंकड़ों के मुताबिक, एम्स ट्रॉमा सेंटर में छह लोगों को लाया गया, जिनमें तीन को मृत घोषित किया गया। मैक्स अस्पताल में 38 लोगों को भर्ती कराया गया, जहां 18 लोगों की मौत हो गई। वहीं पंडित मदन मोहन मालवीय अस्पताल में तीन लोगों का इलाज किया गया, जिनमें से एक को आगे के उपचार के लिए रेफर किया गया।
एक ही रास्ता बना मौत का कारण
घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचे दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने बताया कि शुरुआती जांच में होटल का ढांचा सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, होटल में प्रवेश और निकास के लिए केवल एक ही रास्ता था। आग लगने के बाद बड़ी संख्या में लोग उसी रास्ते से बाहर निकलने का प्रयास करने लगे, लेकिन संकरी जगह और धुएं के कारण कई लोग फंस गए।
अधिकारियों का कहना है कि दम घुटने और आग की चपेट में आने से अधिकांश लोगों की मौत हुई। प्रशासन ने अवैध रूप से संचालित हो रहे होटल और रेस्टोरेंट्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
होटल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर
दिल्ली पुलिस ने होटल प्रबंधन के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या समेत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस उपायुक्त अनंत मित्तल ने बताया कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
जान बचाने के लिए महिला ने तीसरी मंजिल से लगाई छलांग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के बाद कई लोग खिड़कियों से मदद की गुहार लगा रहे थे। इसी दौरान एक महिला ने अपने बच्चे को गोद में लेकर तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। स्थानीय लोगों ने नीचे गद्दे बिछा दिए थे, जिससे महिला और बच्चा गंभीर हादसे से बच गए। हालांकि महिला को चोटें आईं और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
फायर सेफ्टी पर उठे गंभीर सवाल
हादसे के बाद होटल की सुरक्षा व्यवस्था जांच के घेरे में आ गई है। पुलिस और अग्निशमन विभाग यह पता लगाने में जुटे हैं कि होटल के पास वैध फायर एनओसी थी या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आग बुझाने के उपकरण काम कर रहे थे या नहीं।
अधिकारियों का कहना है कि यदि सुरक्षा मानकों में लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो होटल प्रबंधन के साथ-साथ जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानमंत्री मोदी और अन्य नेताओं ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि मालवीय नगर में हुई यह घटना अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
वहीं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने घटना को गंभीर प्रशासनिक विफलता बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं और कहा है कि घायलों के इलाज का पूरा खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी।
आग लगने के कारणों की जांच जारी
फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम घटनास्थल से नमूने एकत्र कर जांच कर रही है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
फिलहाल पूरे इलाके को सील कर दिया गया है और जांच जारी है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर राजधानी में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था और अग्नि सुरक्षा नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



