Rahul Gandhi on Caste Census : कहा था ना- मोदी जी को ‘जाति जनगणना’ करवानी ही पड़ेगी

नई दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार द्वारा जाति जनगणना के ऐतिहासिक ऐलान के बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा- ”कहा था ना, मोदी जी को ‘जाति जनगणना’ करवानी ही पड़ेगी। यह हमारा विज़न है और मोदी सरकार ने कांग्रेस के विजन पर मुहर लगा दी है। हम इसका समर्थन करते हैं, लेकिन सरकार को इसकी समय सीमा बतानी होगी। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि सरकार एक पारदर्शी और प्रभावी जाति जनगणना कराए। साथ ही अब हम आरक्षण पर 50% की सीमा हटाने का दबाव बनाएंगे।”

बुधवार को केंद्र सरकार की घोषणा के तुरंत बाद कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में राहुल गांधी ने कहा कि हमने तेलंगाना में कास्ट सेंसस कराया है। मोदी सरकार चाहे तो इसे मॉडल के तौर पर अपना सकती है। कांग्रेस नेता ने कहा कि ये पहला कदम है। हमें कास्ट सेंसस से आगे जाना है और ये देखने-समझने की जरूरत है कि दलितों, पिछड़ों और ओबीसी समुदाय की सत्ता में कितनी भागेदारी है?

राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि जाति जनगणना को लेकर देश के सामने दो मॉडल मौजूद हैं। एक बिहार का मॉडल है तो दूसरा तेलंगाना का मॉडल है और इन दोनों मॉडल में तेलंगाना का मॉडल आदर्श है, जिसे एक विस्तृत कंसल्टेशन की प्रक्रिया के तहत तैयार किया गया है।

राहुल ने कहा कि तेलंगाना में जनगणना की पद्धति नौकरशाहों ने नहीं बनाई। जनता के बीच जाकर पूरी प्रक्रिया पूरी की गई। इसके जरिए सामाजिक और आर्थिक असमानताओं को समझने और नीतियां बनाने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी जो कि विकास के पैराडाइम के लिए बेहद जरूरी है।

राहुल गांधी ने कहा कि ऐसे में हम चाहेंगे कि राष्ट्रीय तौर पर जाति जनगणना तेलंगाना के मॉडल के कुछ तरीकों और विचारों को अपनाए। तेलंगाना की कांग्रेस सरकार जाति जनगणना के तौर-तरीकों को विकसित करने में मोदी सरकार की मदद करने को तैयार है।

इसके अलावा राहुल गांधी ने आरक्षण में 50 फीसदी के कैप को हटाए जाने की जरूरत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इसकी वजह से पिछड़ी जाति से जुड़े लोगों, आदिवासियों और दलितों के विकास में अवरोध पैदा हो रहा है। राहुल गांधी ने आगे कहा कि हम सरकार पर संविधान की धारा 15(5) के तहत प्राइवेट शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण की व्यवस्था को लेकर पहले से ही मौजूद कानून को लागू कराने को लेकर केंद्र सरकार पर दबाव बनाएंगे।

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने साल 2023 में सबसे पहले जाति जनगणना की मांग उठाई थी। इसके बाद वे देश-विदेश की कई सभाओं और फोरम पर और देश की संसद में केंद्र सरकार से जाति जनगणना कराने की मांग करते रहे।

राहुल गांधी ने संसद में जाति जनगणना के मुद्दे पर कई बार अपनी बात रखी। उपलब्ध जानकारी के आधार पर 29 जुलाई 2024 को राहुल गांधी ने संसद में जातिगत जनगणना की बात उठाई थी। तब उन्होंने कहा था कि यह देश की 90% आबादी के जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। इस दौरान उन्होंने वित्त मंत्री द्वारा इस विषय पर हल्की टिप्पणी करने पर आपत्ति जताई था और भाजपा की मंशा पर सवाल उठाया था।

दिसंबर 2024 में लोकसभा में राहुल गांधी ने कहा था, “इसी सदन से जातिगत जनगणना लागू करेंगे और उसके बाद हिंदुस्तान में एक नए तरीके की राजनीति होगी।” यह बयान जाति जनगणना को लागू करने की राहुल गांधी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

16 अप्रैल 2023 : कर्नाटक के कोलार में एक रैली में राहुल गांधी ने 2011 की जाति आधारित जनगणना के आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की और आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा हटाने की बात कही थी। तब उन्होंने केंद्र सरकार में ओबीसी, दलित और आदिवासियों की कम भागीदारी का मुद्दा भी उठाया था।

25 सितंबर 2023 : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक रैली में राहुल गांधी ने कहा था कि कांग्रेस ने 2011 में जाति जनगणना कराई थी लेकिन मोदी सरकार इसके आंकड़े सार्वजनिक नहीं कर रही। तब उन्होंने जाति जनगणना को भारत का एक्स-रे बताया था।

30 सितंबर 2023 : मध्यप्रदेश के शाजापुर में एक जनसभा में राहुल गांधी ने वादा किया था कि यदि कांग्रेस केंद्र की सत्ता में आई तो देश में जाति आधारित जनगणना कराई जाएगी।

9 अक्टूबर 2023 : पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों की घोषणा के बाद राहुल गांधी ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि कांग्रेस राज्यों और केंद्र में जाति जनगणना करवाएगी। तब उन्होंने यह भी पूछा था कि मीडिया में ओबीसी, दलित और आदिवासियों की कितनी भागीदारी है।

16 नवंबर 2023 : राजस्थान चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने कहा था कि कांग्रेस की केंद्र और राज्य सरकारें जातिगत जनगणना करवाएंगी। उन्होंने इसे क्रांतिकारी कदम बताया था और पीएम मोदी पर ओबीसी मुद्दे पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया था।

3 फरवरी 2024 : भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान झारखंड में राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था कि यदि देश में केवल अमीर और गरीब ही जातियां हैं, जैसा कि पीएम मोदी कहते हैं तो मोदी ने खुद को ओबीसी क्यों बताया? तब राहुल ने जातिगत जनगणना की मांग दोहराई थी।

8 फरवरी 2024 : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने जातिगत जनगणना को अनिवार्य बताया था और कहा था कि इसे कोई नहीं रोक सकता है।

25 अगस्त 2024 : उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में संविधान सम्मान सम्मेलन में राहुल गांधी ने कहा था कि जातिगत जनगणना उनका मिशन है और इसके लिए वे राजनीतिक कीमत चुकाने को तैयार हैं। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय का आधार बताया था।

23 सितंबर 2024 : सोशल मीडिया पर राहुल गांधी ने लिखा कि वे तब तक नहीं रूकेंगे, जब तक जातिगत जनगणना नहीं हो जाती और आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा नहीं हटाई जाती।

26 सितंबर 2024 : हरियाणा के असंध में एक रैली के दौरान राहुल गांधी ने बीजेपी पर संविधान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए जातिगत जनगणना की मांग को दोहराया था।

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सत्ता विमर्श डेस्क
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