नई दिल्ली। दुनिया का सबसे पुराना लोकतांत्रिक देश संयुक्त राज्य अमेरिका आज अपने 47वें राष्ट्रपति को चुनने के लिए वोट करेगा। मतलब यह कि कुछ घंटों में यह तय हो जाएगा कि अमेरिका का अगला राष्ट्रपति कौन बनेगा- रिपब्लिकन पार्टी के डोनाल्ड ट्रम्प या फिर डेमोक्रेटिक पार्टी की कमला हैरिस।
डेमोक्रेटिक पार्टी की कमला हैरिस इस वक्त अमेरिका की उपराष्ट्रपति हैं, वहीं रिपब्लिकन पार्टी के डोनाल्ड ट्रम्प 2017 से 2021 तक अमेरिका के राष्ट्रपति रह चुके हैं। इस साल हो रहे चुनाव में अब तक करीब 7.5 करोड़ यानी 37% वोटर्स पहले ही पोस्टल वोटिंग के जरिए वोट कर चुके हैं। आज होने वाली वोटिंग में करीब 60% वोटरों के हिस्सा लेने की उम्मीद है।
अमेरिकी समय के मुताबिक, 5 नवंबर शाम 7 बजे तक (भारतीय समयानुसार 6 नवंबर सुबह 4:30 बजे तक) वोटिंग पूरी हो जाएगी। इसके बाद वोटों की गिनती शुरू होगी। आमतौर पर वोटिंग के एक दिन बाद नतीजे आ जाते हैं। इस हिसाब से अमेरिकी समयानुसार 6 नवंबर शाम 7 बजे तक और भारतीय समयानुसार 7 नवंबर सुबह 4.30 बजे तक पता चल जाएगा कि डेमोक्रेटिक अपनी सत्ता को बरकरार रखते हैं या फिर रिपब्लिकन उम्मीदवार ट्रम्प की दोबारा से ताजपोशी होती है।
संयुक्त राज्य अमेरिका के गठन के बाद पहली बार 1788-89 में चुनाव में हुए थे। इस चुनाव में जॉर्ज वाशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति बने थे। साल 1800 में डेमोक्रेटिक-रिपब्लिकन पार्टी सत्ता में आई थी। ये पार्टी 2 दशकों तक सत्ता में रही।
साल 1824 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान डेमोक्रेटिक-रिपब्लिकन में फूट पड़ने के बाद ये पार्टी दो धड़ों नेशनल रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स में बंट गई। नेशनल रिपब्लिकन का नाम बदलकर व्हिग्स कर दिया गया। हालांकि 1854 में व्हिग्स में एक बार फिर फूट पड़ी जिसकी वजह से रिपब्लिकन पार्टी का गठन हुआ।
1856 में पहली बार रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टी के बीच राष्ट्रपति पद के लिए मुकाबला हुआ। 1856 से अब तक दोनों पार्टियों के बीच 168 साल में 42 बार चुनावी मुकाबला हुआ है। इन 42 चुनावों में से 24 बार रिपब्लिकन पार्टी को जीत मिली हैं वहीं 18 बार डेमोक्रेट्स जीते हैं। हालांकि पिछले 6 चुनावों में दोनों पार्टियों ने 3-3 चुनाव जीते हैं।




