नई दिल्ली। मणिपुर में केंद्र सरकार ने आज यानी 13 फरवरी 2025 को राष्ट्रपति शासन लगा दिया है। बीते 21 महीने (3 मई 2023) से जारी जातीय हिंसा में 300 से ज्यादा मौतें होने और 9 फरवरी 2025 को मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफा देने के बाद केंद्र ने यह कदम उठाया है।
केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की राय है कि ”मणिपुर में ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है जिसमें उस राज्य की सरकार संविधान के प्रावधानों के अनुसार नहीं चल सकती। लिहाजा संविधान के अनुच्छेद 356 द्वारा प्रदत्त शक्तियों और उस संबंध में सक्षम बनाने वाली अन्य सभी शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं घोषणा करता हूं कि मैं भारत के राष्ट्रपति के रूप में मणिपुर राज्य सरकार के सभी कार्यों और उस राज्य के राज्यपाल में निहित या उनके द्वारा प्रयोग की जा सकने वाली सभी शक्तियों को अपने ऊपर लेता हूं।”
दरअसल, एन. बीरेन सिंह ने मणिपुर विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव में हार के डर से इस्तीफा दिया है। हाल ही में उनका एक ऑडियो टेप लीक हुआ था, जिसका संज्ञान सुप्रीम कोर्ट ने लिया है। ऐसे में अब भाजपा हाईकमान के लिए भी उन्हें बचाना मुश्किल लग रहा था। बीते 3 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर हिंसा पर सुनवाई की थी। कुकी ऑर्गेनाइजेशन फॉर ह्यूमन राइट्स ट्रस्ट की तरफ से कोर्ट में याचिका दाखिल करके कुछ ऑडियो क्लिप्स की जांच की मांग की थी।
याचिका में दावा किया गया था कि ऑडियो में एन. बीरेन सिंह कथित तौर पर कह रहे हैं कि उन्होंने मैतियों को हिंसा भड़काने की अनुमति दी और उन्हें बचाया। याचिकाकर्ताओं के वकील प्रशांत भूषण ने कहा- जो टेप सामने आए हैं, वे बहुत गंभीर हैं। इस पर CJI संजीव खन्ना और जस्टिस पीवी संजय कुमार की बेंच ने मणिपुर सरकार से कहा कि सुनिश्चित करिए कि ये एक और मुद्दा न बने। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लैब (CFSL) से सीलबंद लिफाफे में 6 हफ्ते में रिपोर्ट मांगी है।
हालांकि मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में ऑडियो क्लीप मामले पर अपनी सफाई में कहा कि कुछ लोग मेरे पीछे पड़े हैं। एक साजिश चल रही है। मामला कोर्ट में पेंडिंग है। इस बारे में ज्यादा बात नहीं करना चाहिए। मणिपुर सरकार ने 7 अगस्त 2024 को जारी बयान में कहा था- यह छेड़छाड़ किया गया ऑडियो सांप्रदायिक हिंसा को भड़काने और कई स्तरों पर शुरू की गई शांति प्रक्रिया को पटरी से उतारने की कोशिश है। मणिपुर कांग्रेस के उपाध्यक्ष लम्तिंथांग हाओकिप भी उन लोगों में शामिल थे, जिन्होंने कथित ऑडियो क्लिप पोस्ट की थी।
मणिपुर में 3 मई 2023 से कुकी-मैतेई समुदाय के बीच हिंसा जारी है। मैतेई-कुकी समुदाय के बीच भड़की हिंसा को 600 से ज्यादा दिन बीत चुके हैं।




