3 POSTS
अपने बारे में लिखना हमेशा सबसे मुश्किल काम लगता है। खबरों, लोगों और घटनाओं की कहानियां लिखना आसान है, लेकिन खुद को कुछ शब्दों में बयां करना नहीं। फिर भी, अगर परिचय देना हो तो इतना कह सकता हूं कि पिछले सात वर्षों से अधिक समय से पत्रकारिता मेरी पहचान और मेरी सीख, दोनों का हिस्सा रही है।
इस सफर में बालाजी न्यूज, लोकस्वर, ईटीवी भारत और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। रिपोर्टिंग की भागदौड़ से लेकर डेस्क की जिम्मेदारियों तक, डिजिटल मीडिया की चुनौतियों से लेकर जनसरोकार से जुड़े विषयों तक - हर पड़ाव ने मुझे कुछ नया सिखाया। पत्रकारिता ने न केवल घटनाओं को देखने का नजरिया दिया, बल्कि उन लोगों और कहानियों को समझने का अवसर भी दिया जो अक्सर सुर्खियों से दूर रह जाते हैं।
मुझे उन विषयों पर काम करना पसंद है जिनका सीधा संबंध समाज और आम लोगों के जीवन से हो। मेरा मानना है कि पत्रकारिता सिर्फ सूचना देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और उसके सरोकारों को समझने और समझाने की एक जिम्मेदारी भी है।
इतने वर्षों के बाद भी मुझे लगता है कि पत्रकारिता ने जितना सिखाया है, उससे कहीं ज्यादा सीखना अभी बाकी है। सफर अभी जारी है। हर नई खबर के साथ कुछ नया सीखने, समझने और लोगों की अनकही कहानियों को सामने लाने की कोशिश भी जारी है।