General Election 2024 : नतीजा जो भी हो, फ्रंट फुट पर खुलकर बैटिंग तो कर रहा शहजादा

नई दिल्ली।नमस्कार मोदी जी! थोड़ा सा घबरा गए क्या? नॉर्मली आप बंद कमरों में अदाणी जी और अंबानी जी की बात करते हो। आपने पहली बार पब्लिक में अंबानी, अदाणी बोला। आपको ये भी मालूम है कि ये टेंपो में पैसा देते हैं। क्या ये आपका पर्सनल एक्सपीरियंस है क्या? एक काम कीजिए- सीबीआई और ईडी को इनके पास भेजिए ना। पूरी जानकारी करिए। इन्क्वायरी कराइए। जल्दी से जल्दी कराइए। घबराइए मत मोदी जी। मैं देश को फिर से दोहरा कर कह रहा हूं कि जितना पैसा नरेंद्र मोदी जी ने इनको दिया है न। उतना ही पैसा हम हिन्दुस्तान के गरीबों को देने जा रहे हैं। इन्होंने 22 अरबपति बनाए हैं, हम करोड़ों लखपति बनाएंगे।”

जी हां। सही पकड़े आप। 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी फ्रंट फुट पर खुलकर बैटिंग कर रहे हैं। 8 मई की शाम को जब राहुल गांधी का एक धमाकेदार वीडियो संदेश सामने आया तो राजनीतिक घमासान मच गया। ऊपर जो कुछ आपने पढ़ा, ये बातें इसी वीडियो संदेश में बयां की गई थी। दरअसल, ये एक क्रिया की प्रतिक्रिया थी जिसे जानने के लिए आपको पीएम मोदी के क्रिया रूपी उस वक्तव्य को भी जानना होगा जिसकी प्रतिक्रिया में राहुल ने वीडियो संदेश जारी किया था।

तारीख 8 मई 2024। स्थान- तेलंगाना के करीम नगर में बीजेपी की जनसभा का मंच। दोपहर का वक्त था। प्रधानमंत्री बनने के बाद शायद ये पहला मौका था जब नरेंद्र मोदी खुले तौर पर अंबानी और अदाणी का नाम लेते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी पर जबरदस्त हमला करते हैं। पीएम मोदी कहते हैं, “जब से चुनाव घोषित हुआ है, इन्होंने (राहुल गांधी) अंबानी, अदाणी को गाली देना बंद कर दिया.” राहुल गांधी की तरफ इशारा करते हुए पीएम मोदी आगे कहते हैं, “मैं आज तेलंगाना की धरती से पूछना चाहता हूं कि शहजादे घोषित करें कि चुनाव में ये अंबानी, अदाणी से कितना माल उठाया है? काले धन के कितने बोरे भरकर के रुपये मारे हैं? क्या टेंपो भरकर के नोटे कांग्रेस के लिए पहुंची है क्या? क्या सौदा हुआ है, आपने रातों-रात अंबानी-अडाणी इनको गाली देना बंद कर दिया, जरूर दाल में कुछ काला है। पांच साल तक अंबानी-अडाणी को गाली दी और रातों-रात गालियां बंद हो गई, मतलब चोरी का माल टेंपो भर-भरकर के आपने पाया है। ये जवाब देना पड़ेगा देश को।

चुनावी सरगर्मियों के बीच देश को इस बात की तसल्ली जरूर हो गई होगी कि राहुल गांधी अपनी उस छवि से बहुत आगे निकल चुके हैं जिसको गढ़ने में बीजेपी की पूरी सेना ने करोड़ों-करोड़ रुपये पानी की तरह बहाए थे। पिछले कुछ दिनों से राहुल लगातार अपनी रैलियों में कह रहे हैं कि ‘झूठ की फैक्ट्री’ भाजपा, खुद को कितना भी दिलासा दे ले, कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। एक बार फिर कह रहा हूं, चार जून के बाद नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे। देश के हर कोने में ‘इंडिया’ की आंधी चल रही है। 1 जुलाई 2024 को सुबह-सुबह गरीब परिवार की महिलाएं जब अपना अकाउंट चेक करेंगी तो उसमें 8500 रुपये आ चुके होंगे। इतना ही नहीं, राहुल गांधी यह भी कह रहे हैं कि मुंबई और गुवाहाटी से लेकर अहमदाबाद तक देश के तमाम एयरपोर्ट प्रधानमंत्री ने अपने ‘टेंपो वाले मित्र’ को सौंप दिए हैं।

2024 के चुनावी पिच पर इस तरह से फ्रंट फुट पर खुलकर खेल रहे राहुल गांधी के आत्मविश्वास आखिर आ कहां से रहा है? भारत जोड़ो यात्रा, भारत जोड़ो न्याय यात्रा, न्याय पत्र और कांग्रेस का बढ़ता जनाधार ये सब कुछ ऐसी वजहें हैं, जिसने इस चुनाव में राहुल गांधी का आत्मविश्वास बढ़ा दिया है। राहुल गांधी ने खासतौर पर, मतदान के तीसरे चरण के बाद भाजपा और पीएम मोदी पर तीखा हमला बोला है। भाजपा द्वारा कांग्रेस पर किए गए हमले का करार जवाब दिया है।

कांग्रेस पार्टी से जुड़े नेताओं का मानना है, राहुल ने अपनी चुनावी रैलियों में जो आक्रामता दिखाई है, वह पहले देखने को नहीं मिलती थी। अब राहुल गांधी अगले दिन का इंतजार नहीं करते, बल्कि सत्ता पक्ष के किसी भी आरोप का जवाब तुरंत देते हैं। इस चुनाव में भाजपा की तरफ से जो मुद्दे उठाए गए, उन्होंने भी राहुल के आत्मविश्वास को बढ़ाया है। खुद पीएम मोदी ने कई ऐसे मुद्दे उठाए हैं जो कांग्रेस पार्टी के एजेंडे में था ही नहीं।

राहुल के आत्मविश्वास को मजबूत करने में सत्ता पक्ष के नेताओं की बयानबाजी भी खूब जिम्मेदार रही है। भाजपा ने असल मुद्दों से हटकर खूब बयानबाजी की है। चुनाव प्रचार में कभी पाकिस्तान तो कभी मंगलसूत्र की एंट्री हो जाती है। राहुल ने ऐसे बयानों का जोरदार तरीके से जवाब दिया। राहुल के इस बयान की मोदी-शाह के पास कोई काट ही नहीं है कि, भाजपा सरकार आई तो आरक्षण को खत्म कर देगी। संविधान को बदल देगी।

कांग्रेस पार्टी की राजनीति को करीब से समझने वाले जानकारों का कहना है कि राहुल अब सत्ता पक्ष के किसी भी बयान का काउंटर करने में देर नहीं लगाते। असल में राहुल ने जब से कांग्रेस अध्यक्ष का पद छोड़ा है तो उन पर दबाव की स्थिति नहीं रही। अब उन पर संगठन की भी कोई जिम्मेदारी नहीं है। वे फ्री-हैंड बैटिंग कर रहे हैं। भारत जोड़ो यात्रा पार्ट ‘वन’ और ‘टू’ ने राहुल में गजब का कॉन्फिडेंस दिया है।

कांग्रेस पार्टी का ये नारा ”अब हाथ बदलेगा हालात” काफी हिट हो रहा है। महालक्ष्मी योजना गरीब परिवारों की ‘लाइफ लाइन’ बनने जा रही है। राहुल ने कहा, महिलाओं को लेकर साथ, अब हाथ बदलेगा हालात। वो 10 साल से ‘टेंपो वाले अरबपतियों’ से मिले ‘नोटों की गिनती’ कर रहे हैं, हम ‘जातिगत गिनती’ से देश का एक्स-रे कर, हर वर्ग की न्यायपूर्ण हिस्सेदारी सुनिश्चित करेंगे।

बकौल राहुल, मैं फिर कहता हूं, 4 जून के बाद नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री नहीं रहने वाले। 4 जून को इंडिया गठबंधन की सरकार बनने जा रही है। हमारी गारंटी है कि 15 अगस्त तक हम 30 लाख रिक्त सरकारी पदों पर भर्ती का काम शुरू कर देंगे। नरेंद्र मोदी के झूठे प्रचार से भटकना मत, अपने मुद्दों पर डटे रहना। मोदी और आरएसएस, संविधान बदल कर दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों का आरक्षण व उनके अधिकार छीन लेना चाहते हैं। इतना कुछ अगर राहुल गांधी देश को बता पा रहे हैं तो यह सब यूं ही नहीं हुआ है। बंदे में कुछ तो दम है।

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सत्ता विमर्श डेस्क
सत्ता विमर्श (Satta Vimarsh) नाम ही हमारी पहचान है। हमारा मानना है कि सब कुछ सत्ता के इर्द-गिर्द तय होता है, सरकार भी और सरोकार भी। लेकिन, इस सत्ता में हमारी-आपकी भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी सत्ता में बैठे लोगों की। इसीलिए सत्ता और सरोकार से जुड़े मुद्दों पर विमर्श जरूरी है।

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