नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का कहना है कि पहले भाजपा को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की जरूरत पड़ती थी, लेकिन आज भाजपा सक्षम है। आज पार्टी अपने आप को चला रही है। मतलब यह कि भाजपा अब पीएम मोदी के आत्मनिर्भर भारत के गढ़े शब्द की तर्ज पर आत्मनिर्भर बीजेपी बन चुकी है।
बीच चुनाव जेपी नड्डा के इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में इस बयान के अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं। कोई कह रहा है कि आरएसएस ने वाकई बीजेपी को चुनाव में सहयोग करने से हाथ खींच लिया है तो कोई कह रहा है कि आरएसएस के नेताओं ने नड्डा की कनपटी पर पिस्टल रखकर यह बयान दिलाया है ताकि 4 जून को अगर जनादेश बीजेपी के पक्ष में नहीं रहा तो आरएसएस को कोई कठघरे में खड़ा नहीं कर सके।
इंडियन एक्सप्रेस ने जब नड्डा से सवाल किया कि पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय और अब के बीच RSS की स्थिति कैसे बदली है? तो नड्डा ने साफतौर पर कहा कि शुरू में हम अक्षम रहे होंगे। थोड़ा कम होंगे। तब RSS की जरूरत पड़ती थी। आज हम बढ़ गए हैं और सक्षम हैं। आज BJP अपने आप को चलाती है। यही अंतर है।
जब नड्डा से पूछा गया कि भाजपा की मथुरा और काशी में विवादित स्थलों पर मंदिर बनाने की कोई योजना है? तो उन्होंने छूटते ही कहा- भाजपा के पास अभी ऐसा कोई विचार, योजना या इच्छा नहीं है। इस पर अभी तक कोई चर्चा भी नहीं हुई। हमारा सिस्टम इस तरह से काम करता है कि पार्टी की विचार प्रक्रिया संसदीय बोर्ड में चर्चा से तय होती है। फिर मुद्दा राष्ट्रीय परिषद के पास जाता है।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फैसला किया है कि पार्टी का ध्यान गरीबों, शोषितों, दलितों, महिलाओं, युवाओं, किसानों और समाज के हाशिए पर रहने वाले वर्गों पर होगा। इनको मुख्यधारा में लाया जाना चाहिए और सशक्त बनाया जाना चाहिए। हमें उन्हें मजबूत करना होगा।
योगी आदित्यनाथ और हिमंता बिस्वा जैसे भाजपा नेता अपने चुनावी भाषण में काशी और मथुरा की बात लगातार कर रहे हैं के जवाब में जेपी नड्डा ने कहा कि भाजपा ने राम मंदिर की मांग को अपने पालमपुर संकल्प (जून 1989) में शामिल किया था। लंबे संघर्ष के बाद मंदिर बन गया। यह हमारे एजेंडे में था। कुछ लोग भावुक होकर दूसरे मुद्दों पर बात करने लगते हैं। हमारी पार्टी एक बड़ी पार्टी है और हर नेता की बात करने की अपनी एक शैली होती है।




