योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी ने तोड़ दी अपराध और अपराधियों की कमर

योगी आदित्यनाथ की सरकार ने उत्तर प्रदेश में ‘जीरो टॉलरेंस नीति’ के तहत अपराध और अपराधियों की कमर तोड़कर रख दी है। यूपी एसटीएफ ने प्रदेश के दुर्दांत अपराधियों, अवैध नशे के सौदागरों, हथियार तस्करों, साइबर अपराधियों समेत नकल माफिया के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की है।

उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने पिछले साढ़े सात वर्षों में प्रदेश में 7 हजार से अधिक कुख्यात और इनामी अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 49 कुख्यात अपराधियों को मुठभेड़ में मार गिराया है। बड़ी मात्रा में अवैध हथियार, नशीला पदार्थ, प्रतिबंधित जानवरों की खाल व हड्डियां भी बरामद की हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप, प्रदेश में अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए एसटीएफ की ओर से लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, एसटीएफ ने पिछले साढ़े सात वर्षों में कुल 7,015 कुख्यात और इनामी अपराधियों को गिरफ्तार किया है जबकि इस दौरान 49 अपराधी मारे गये। इन सभी पर 10 हजार से लेकर 5 लाख का इनाम घोषित था।

जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सजगता और सतर्कता के परिणामस्वरूप 559 से अधिक अपराधिक घटनाओं को घटित होने से पहले रोका गया। इसमें जनप्रतिनिधि, प्रतिष्ठित व्यक्ति, आम नागरिकों के अपहरण, लूट, हत्या जैसे अपराध की घटनाएं शामिल हैं। इसके साथ ही 3970 संगठित अपराधियों को अरेस्ट किया गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एसटीएफ ने पिछले साढ़े सात वर्षों में परीक्षाओं में नकल और पेपर लीक जैसी धांधली को रोकने एवं जड़ से खत्म करने के लिए 193 गिरोहों के 926 सरगना और साल्वरों के खिलाफ कार्रवाई की। एसटीएफ की इस कार्रवाई से युवाओं में योगी सरकार की साख बढ़ी है।

योगी सरकार ने पिछले साढ़े सात वर्षों में प्रदेश के लोगों की गाढ़ी कमाई पर डाका डालने वाले साइबर अपराधियों पर नकेल कसने के लिए कई बड़े कदम उठाये। इनमें 18 रीजनल साइबर क्राइम थानों, डिजिटल फॉरेंसिक लैब समेत हर थाने में साइबर हेल्प डेस्क आदि शामिल है। साइबर अपराधियों को नेस्तनाबूद करने के लिए एसटीएफ द्वारा पिछले साढ़े सात वर्षों में बड़ी कारवाई की गई है।

एसटीएफ की कार्रवाई में साइबर अपराध में लिप्त 379 साइबर अपराधियों को अरेस्ट किया गया है। इनमें एसजीपीजीआई की एसोसिएट प्रोफेसर को डिजिटल अरेस्ट करके करीब 2 करोड़ की ठगी करने वाले गैंग के 16 साइबर अपराधी भी शामिल हैं, जिन्हे एसटीएफ ने लखनऊ और गौतमबुद्धनगर से अरेस्ट किया है।

अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाकर 189 अपराधियों की गिरफ्तारी कर उनके कब्जे से 2080 अवैध शस्त्र और 8229 अवैध कारतूस बरामद किये गये हैं।

एसटीएफ ने अवैध शराब तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पंजाब, हरियाणा समेत कई राज्यों से शराब की तस्करी करने वाले 523 शराब तस्करों को गिरफ्तार कर उनसे 80579 पेटी शराब, 330866 लीटर रेक्टिफाइड स्प्रिंट और 7560 लीटर तैयार देशी शराब बरामद की गयी है।

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प्रवीण कुमार
मैं कौन हूं, क्या हूं, क्यों हूं, यह सब खुद मुझे भी नहीं पता क्यों कि खुद के बारे में बताना, जताना या उकेरना सबसे मुश्किल काम होता है। हां! बुद्ध, गांधी, विवेकानंद और गीता के दर्शन से मैंने अपने जीवन को संवारने की कोशिश जरूर की है। बिहार के बेगूसराय जिले का रहने वाला हूं। जाने-अनजाने में पत्रकारिता के आंगन में ढाई दशक से अधिक वक्त से कूद-फांद कर रहा हूं। शुरूआती दौर में जी भरकर देश के तमाम राष्ट्रीय और क्षेत्रीय अखबारों और पत्रिकाओं में वैचारिक लेखन किया। सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विषयों पर लिखने में अपनी रूचि रहती है। फिलहाल भारत सरकार से मान्यता प्राप्त स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर लेखन कर रहा हूं। डिजिटल और सोशल मीडिया कंसल्टेंट के तौर भी हाथ साफ करता रहता हूं। 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान फेक न्यूज़ की बयार को गहराई से जांचा परखा था। उससे पहले नोएडा स्थित ज़ी न्यूज़ में हिन्दी वेबसाइट की शुरूआत कर काफी लंबा वक्त गुजारा। इससे भी पीछे का पूछेंगे तो करीब डेढ़ दशक तक दैनिक हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, अमर उजाला, दैनिक भास्कर समेत कई राष्ट्रीय व क्षेत्रीय अखबारों के संपादकीय विभाग में अलग-अलग भूमिकाओं को निभाते हुए एक पत्रकार के तौर पर अपनी पहचान बनाने की कोशिश की, एक बेहतर इंसान भी बनने की कोशिश की, पर कितना बन पाया ये सब ''ऊपर वाले पर'' छोड़ता हूं...

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