नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी के सर्वोच्च नेता अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे के बाद आतिशी ने दिल्ली की नौवीं मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली। राजनिवास में उपराज्यपाल विनय सक्सेना ने उन्हें शपथ दिलाई। 43 साल की आतिशी दिल्ली की सबसे युवा मुख्यमंत्री हैं। इससे पहले केजरीवाल 45 साल की उम्र में मुख्यमंत्री बने थे। आतिशी बतौर महिला सुषमा स्वराज और शीला दीक्षित के बाद दिल्ली की तीसरी महिला मुख्यमंत्री हैं।
आतिशी के बाद सौरभ भारद्वाज, गोपाल राय, कैलाश गहलोत, इमरान हुसैन और मुकेश अहलावत ने मंत्री पद की शपथ ली। कैबिनेट में मुकेश अहलावत एकमात्र नया चेहरा हैं। आतिशी ने शिक्षा, पीडब्ल्यूडी और वित्त समेत 13 विभाग अपने पास रखे। वहीं सौरभ भारद्वाज को हेल्थ समेत 8 प्रमुख विभागों का जिम्मा दिया गया।
कौन हैं आतिशी : कालकाजी सीट से तीन बार की विधायक आतिशी को लेकर पूरे देश में चर्चा हो रही है। आप विधायकों ने 17 सितंबर 2024 को अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे के बाद आतिशी का नाम मुख्यमंत्री के रूप में फाइनल किया था।
आतिशी ने 2012 में भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के दौरान राजनीति में कदम रखा और आम आदमी पार्टी की नींव रखने वाले लोगों में शामिल रहीं। 2019 के लोकसभा चुनाव में पूर्वी दिल्ली से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गईं। 2020 में उन्होंने कालकाजी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीत विधायक बनीं। इसके बाद दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के जेल जाने के बाद वे शिक्षा मंत्री बन गईं।
शिक्षा मंत्री बनने के बाद आतिशी ने दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था में कई अहम सुधार किए। उन्होंने मनीष सिसोदिया के सलाहकार के तौर पर भी काम किया और शिक्षा नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री बनने से पहले आतिशी दिल्ली सरकार में शिक्षा, पीडब्ल्यूडी, संस्कृति और पर्यटन मंत्री के रूप में कार्यरत थीं।
आतिशी का जन्म 8 जून 1981 को दिल्ली में हुआ था। उनके माता-पिता, विजय सिंह और त्रिप्ता वाही, दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रोफेसर थे। अपनी स्कूली शिक्षा स्प्रिंगडेल्स स्कूल, दिल्ली से पूरी की और फिर सेंट स्टीफेंस कॉलेज, दिल्ली से इतिहास में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से चेवेनिंग स्कॉलरशिप पर प्राचीन और आधुनिक इतिहास में मास्टर्स किया।




