अनशन के 5वें दिन बिगड़ी सोनम वांगचुक की तबीयत, योगेंद्र यादव-प्रशांत भूषण समेत कई हस्तियां समर्थन में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी CJP के प्रदर्शन के बीच सोनम वांगचुक का ब्लड शुगर 60 तक पहुंचा और ब्लड प्रेशर भी काफी कम बताया गया। आंदोलन को योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण समेत कई सामाजिक और राजनीतिक हस्तियों का समर्थन मिल रहा है।

नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे Cockroach Janata Party (CJP) के विरोध प्रदर्शन के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आई है। अनशन के पांचवें दिन उनका ब्लड शुगर 60 तक पहुंच गया, जबकि ब्लड प्रेशर भी काफी कम बताया जा रहा है। इसको लेकर आंदोलन से जुड़े लोगों ने चिंता जताई है और सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया कि सोनम वांगचुक की हालत लगातार खराब हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि उनके स्वास्थ्य को कोई नुकसान पहुंचता है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। दिपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी दोहराई।

हालांकि, सोनम वांगचुक ने स्वयं X पर पोस्ट करते हुए कहा कि उनकी तबीयत फिलहाल ठीक है, लेकिन प्रदर्शन स्थल पर काफी शोर है। उन्होंने लोगों से पुराने वायर्ड Bose QuietComfort 20 नॉइज़-कैंसलिंग ईयरफोन उपलब्ध कराने की अपील भी की। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें ब्लूटूथ नहीं बल्कि वायर्ड ईयरफोन की जरूरत है।

आंदोलन को मिल रहा व्यापक समर्थन

यह आंदोलन अब सिर्फ परीक्षा प्रणाली के मुद्दे तक सीमित नहीं रह गया है। CJP का कहना है कि वह जवाबदेही से जुड़े अन्य मुद्दों, जिनमें चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) जैसे विषय शामिल हैं, उन्हें भी उठाएगा।

इस प्रदर्शन को कई राजनीतिक नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं का समर्थन मिला है। योगेंद्र यादव, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण, CPI(M) के महासचिव एम. ए. बेबी, बृंदा करात, CPI के महासचिव डी. राजा, एनी राजा, पारदर्शिता कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज और तृणमूल कांग्रेस सांसद सागरिका घोष जंतर-मंतर पहुंचकर आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जता चुके हैं।

AISA के छात्र भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर

प्रदर्शन स्थल पर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) से जुड़े छह छात्र भी अलग मंच से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे हैं। संगठन के अनुसार, कई छात्रों की तबीयत भी बिगड़ रही है। JNUSU के संयुक्त सचिव दानिश का ब्लड शुगर 61 mg/dL तक पहुंच गया है, जबकि आमीन और दीपक कुमार वर्मा को भी डॉक्टरों ने स्वास्थ्य कारणों से अनशन समाप्त करने की सलाह दी है। बताया जा रहा है कि CPI(ML) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य भी आंदोलन के समर्थन में जंतर-मंतर पहुंच सकते हैं।

20 जून से जारी है आंदोलन

CJP का यह प्रदर्शन 20 जून से जारी है। शुरुआत में इसका मुख्य मुद्दा NEET समेत परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों को लेकर जवाबदेही तय करना था, लेकिन अब आंदोलन का दायरा अन्य प्रशासनिक और लोकतांत्रिक मुद्दों तक भी बढ़ गया है। सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर बढ़ती चिंता के बीच अब सभी की नजर सरकार की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है।

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सत्ता विमर्श डेस्क
सत्ता विमर्श (Satta Vimarsh) नाम ही हमारी पहचान है। हमारा मानना है कि सब कुछ सत्ता के इर्द-गिर्द तय होता है, सरकार भी और सरोकार भी। लेकिन, इस सत्ता में हमारी-आपकी भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी सत्ता में बैठे लोगों की। इसीलिए सत्ता और सरोकार से जुड़े मुद्दों पर विमर्श जरूरी है।

1 COMMENT

  1. आंदोलन के नाम पर भ्रम फैलाने वालों के ऊपर तमाचा है आपकी स्टोरी।

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