शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ी कॉकरोच जनता पार्टी, देशभर में तेज हुआ विरोध प्रदर्शन

नई दिल्ली/बेंगलुरु। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अपने राष्ट्रव्यापी विरोध अभियान को और तेज कर दिया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के नेतृत्व में पिछले नौ दिनों से देश के विभिन्न शहरों में लगातार प्रदर्शन किए जा रहे हैं। रविवार को कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु और तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए, जिनमें छात्रों, अभिभावकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया।

बेंगलुरु में आयोजित प्रदर्शन के दौरान प्रसिद्ध अभिनेता प्रकाश राज भी आंदोलन में शामिल हुए। उनके हाथ में एक फूल था, जिसे उन्होंने शांतिपूर्ण विरोध और लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रतीक के रूप में प्रदर्शित किया। लगातार हो रही बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में लोग पोस्टर, बैनर और छाते लेकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने NEET परीक्षा पेपर लीक मामले और CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि देश की प्रमुख परीक्षाओं की विश्वसनीयता लगातार सवालों के घेरे में है और लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। इसी कारण वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की नैतिक जिम्मेदारी तय करते हुए उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

बेंगलुरु से पहले हैदराबाद के धरना चौक पर भी CJP के बैनर तले प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सभा को संबोधित करते हुए शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों का विश्वास बनाए रखना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और परीक्षा प्रणाली पर उठ रहे सवालों का निष्पक्ष समाधान होना चाहिए।

कॉकरोच जनता पार्टी का यह विरोध प्रदर्शन पिछले नौ दिनों में देश के छह प्रमुख शहरों तक पहुंच चुका है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके स्वयं विभिन्न शहरों में जाकर प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। इस राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत 6 जून 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर से हुई थी, जहां बड़ी संख्या में छात्रों और युवाओं ने हिस्सा लिया। इसके बाद 11 जून को महाराष्ट्र के पुणे में प्रदर्शन आयोजित किया गया। 12 जून को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च निकाला। 13 जून को पंजाब के अमृतसर में प्रदर्शन हुआ, जहां छात्रों और सामाजिक संगठनों ने समर्थन दिया। इसके बाद 15 जून को बेंगलुरु और हैदराबाद में एक साथ विरोध कार्यक्रम आयोजित किए गए।

CJP का कहना है कि उनका आंदोलन केवल किसी एक मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की परीक्षा और मूल्यांकन प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग को लेकर चलाया जा रहा है। पार्टी का आरोप है कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक, मूल्यांकन संबंधी विवाद और प्रशासनिक लापरवाही ने छात्रों के भविष्य को अनिश्चित बना दिया है।

पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा तथा देश के अन्य राज्यों में भी प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। हालांकि केंद्र सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई नई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन प्रदर्शनकारी संगठन अपनी मांगों को लेकर लगातार दबाव बनाए हुए हैं और आने वाले दिनों में आंदोलन के और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

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सत्ता विमर्श डेस्क
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