Bihar Assembly Election Results 2025 : बिहार में एनडीए की प्रचंड जीत

पटना। बिहार में 20 साल की एंटी इनकमबेंसी को धता बताते हुए बीजेपी-जेडीयू नीत NDA ने प्रचंड जीत हासिल कर बिहार के चुनावी इतिहास में नया रिकॉर्ड स्थापित कर दिया है। पिछले चुनावों के सारे प्रतिमानों को ध्वस्त करते हुए बीजेपी ने कुल 101 सीट लड़कर 88 प्रतिशत की स्ट्राइक रेट के साथ 89 सीटें जीतीं। इसी के साथ बिहार में भी बीजेपी अब बड़े भाई की भूमिका में आ गई है। नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू 85 सीटों के साथ नंबर-2 की पोजिशन पर आ गई है। अब देखना ये है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बनते हैं या फिर बड़े भाई की भूमिका में अवतरित भारतीय जनता पार्टी पहली बार अपना मुख्यमंत्री बनाती है।

 

कुल मिलाकर देखें तो 14 नवंबर को आए नतीजों में NDA ने 202 सीटें जीत ली हैं जो पिछली बार से 77 ज्यादा है। वहीं महागठबंधन 110 से घटकर 35 सीट पर आ गया है। NDA ने राहुल-तेजस्वी के 12 में से 6 गढ़ ढहा दिए हैं। इन 12 सीटों पर राजद और कांग्रेस लगातार 3 विधानसभा चुनावों से जीत रही थीं। NDA ने पिछले चुनाव में महागठबंधन की जीती हुई 87 सीटें छीन ली हैं। बिहार को बदलने के लिए चुनावी जमीन पर उतरी जनसुराज पार्टी का खाता तक नहीं खुल पाया और अधिकांश सीटो पर उसके प्रत्याशियों को नोटा से भी कम वोट मिले। सीमांचल में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने फिर से पांच सीटें जीतकर इस बात को साबित कर दिया कि मुस्लिम मतदाताओं ने महागठबंधन पर एक बार फिर भरोसा नहीं किया।

 

महागठबंधन के खिलाफ NDA की चुनावी जीत के गणित पर नजर दौराएं तो एनडीए ने तिरहुत की 55 सीटों पर जीत दर्ज की हैं जो पिछली बार से 19 ज्यादा है। वहीं मगध की 40 सीट पर NDA ने जीत हासिल की है जो पिछली बार से 22 ज्यादा है। शाहाबाद में 2020 के मुकाबले 17 सीट ज्यादा यानी 19 सीट पर NDA काबिज हुई है। पिछली बार यहां सिर्फ 2 सीट ही NDA जीत पाया था। NDA ने पिछली बार के मुकाबले मिथिलांचल में 10, अंग प्रदेश में 7 और सीमांचल+कोसी के इलाके में 2 नई सीटें जीती हैं।

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प्रवीण कुमार
पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव रखता हूं। राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मीडिया संस्थानों के साथ काम करते हुए सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विषयों पर निरंतर लेखन करता आ रहा हूं। फिलहाल भारत सरकार से मान्यता प्राप्त स्वतंत्र पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं और डिजिटल मीडिया कंसल्टेंसी से भी जुड़ा हूं। बुद्ध, गांधी, विवेकानंद और भगवत गीता के विचार मेरे लेखन और जीवन-दृष्टि को दिशा देते हैं।

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