नई दिल्ली। प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं तथा नीट-यूजी पेपर लीक जैसे मामलों को लेकर शनिवार को राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन (CJP Jantar Mantar protest 2026) आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने किया, जिसमें देशभर से आए छात्रों, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बोस्टन से लौटे अभिजीत दिपके, जंतर-मंतर पर हुआ जोरदार स्वागत
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके शनिवार सुबह अमेरिका के बोस्टन से नई दिल्ली पहुंचे। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सैकड़ों समर्थकों और युवाओं ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट से सीधे वे भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल (CJP Jantar Mantar protest 2026) पहुंचे, जहां पहले से बड़ी संख्या में छात्र और युवा मौजूद थे। उनके पहुंचते ही “जय भीम” सहित विभिन्न नारों से प्रदर्शन स्थल गूंज उठा।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए अभिजीत दिपके ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं और प्रवेश परीक्षाओं से जुड़े विवादों ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट-यूजी पेपर लीक जैसे मामलों ने शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। दिपके ने कहा कि जब देश के करोड़ों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा हो, तब जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों की जवाबदेही तय होना आवश्यक है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की।
सोनम वांगचुक की मौजूदगी से बढ़ा आंदोलन का प्रभाव
इस विरोध प्रदर्शन में प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद सोनम वांगचुक भी शामिल हुए। वांगचुक की मौजूदगी ने प्रदर्शन को अतिरिक्त सामाजिक और राजनीतिक महत्व प्रदान किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुधारों की आवश्यकता है और सरकार को छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से सुनना चाहिए।
हिट स्प्रे विवाद और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
प्रदर्शन के दौरान एक विवादास्पद घटना भी सामने आई, जब एक व्यक्ति ‘हिट’ स्प्रे लेकर जंतर-मंतर पहुंचा और उसने सीजेपी को “टुकड़े-टुकड़े गैंग” का विस्तार बताया। इस दौरान उस व्यक्ति और कुछ प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस हुई, जो कुछ समय के लिए धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और संबंधित व्यक्ति को प्रदर्शन स्थल से हटा दिया। इसके बाद प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहा।
भारी पुलिस तैनाती के बीच शांतिपूर्ण प्रदर्शन
दिल्ली पुलिस ने पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। जंतर-मंतर और उसके आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।
सोशल मीडिया से सड़क तक पहुंचा आंदोलन
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में युवाओं ने शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारे लगाए और सरकार से परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग की। सीजेपी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो (CJP Jantar Mantar protest 2026) भी साझा किया, जिसमें प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्रालय के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त करते दिखाई दिए। वीडियो में कुछ प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जनप्रतिनिधियों का वेतन जनता के कर के पैसे से दिया जाता है और इसलिए उन्हें अपने कार्यों के प्रति जवाबदेह होना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान “कॉकरोच आ रहे हैं, धर्मेंद्र प्रधान जा रहे हैं” जैसे नारे भी सुनाई दिए।
व्यंग्यात्मक अभियान से उभरा सीजेपी का आंदोलन
गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत मूल रूप से सोशल मीडिया पर एक व्यंग्यात्मक अभियान के रूप में हुई थी। यह अभियान उस समय चर्चा में आया जब भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर व्यापक बहस छिड़ गई थी। इसके बाद “कॉकरोच जनता पार्टी” नाम से शुरू हुए इस अभियान को बड़ी संख्या में युवाओं का समर्थन मिलने लगा और यह धीरे-धीरे एक संगठित सामाजिक-राजनीतिक अभियान का रूप लेता गया।
अनुमति के बाद हुआ जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आयोजन
सूत्रों के अनुसार, सीजेपी ने शनिवार को ही दिल्ली पुलिस से प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी। औपचारिक अनुरोध प्राप्त होने के बाद पुलिस ने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की अनुमति प्रदान कर दी। इसी अनुमति के तहत हजारों छात्र और युवा अपनी मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर एकत्र हुए।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग तेज
शनिवार का यह प्रदर्शन केवल एक राजनीतिक विरोध तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह देश की परीक्षा प्रणाली, युवाओं के भविष्य और शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर व्यापक बहस का केंद्र बन गया। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार और शिक्षा मंत्रालय इस विरोध प्रदर्शन (CJP Jantar Mantar protest 2026) तथा छात्रों की मांगों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।



