पीएम मोदी के गृह राज्य गुजरात में देश का सबसे बड़ा डिजिटल अरेस्ट

गांधीनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य गुजरात की राजधानी गांधीनगर में करीब तीन महीने तक एक महिला डॉक्टर को डिजिटल अरेस्ट कर 19.24 करोड़ रुपए की ठगी का मामला देश का सबसे बड़ा डिजिटल स्कैम बन गया है। हालांकि इस मामले में पुलिस ने सूरत से लालजीभाई बलदानिया नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया है, लेकिन इतना बड़ा साइबर क्राइम पीएम मोदी के गुजरात मॉडल को कलंकित तो कर ही गया है।

गांधीनगर में रहनी वाली महिला डॉक्टर को 15 मार्च 2025 को दूरसंचार विभाग से ज्योति विश्वनाथ नाम के एक व्यक्ति का फोन आया था। उसके बाद, महिला को एक पुलिस इंस्पेक्टर और एक सरकारी वकील समेत कई नामों से कॉल आए। फोन कॉल में महिला को बताया गया कि आपके सभी मोबाइल फोन बंद हो जाएंगे, क्योंकि आपके फोन से कई लोगों को बार-बार अपमानजनक संदेश भेजे जा रहे हैं। इसके लिए आपके खिलाफ एफआईआर दर्ज करानी होगी। मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया गया है और इसके लिए भारत सरकार के FEMA (विदेशी मुद्रा प्रबंधन) अधिनियम और PMLA (धन शोधन निवारण) अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।

इसके बाद महिला को धमकी भरे कई लेटर्स भी मिले। वे लोग फोन कर उसे डराते थे कि सादे कपड़ों में पुलिसवाले उनके घर के आस-पास घूम रहे हैं। अगर जेल जाने से बचना है तो सारी सम्पत्ति की जानकारी देनी होगी। इस तरह से साइबर अपराधियों ने महिला से उनकी पूरी सम्पत्ति का ब्यौरा हासिल कर लिया। इसके बाद मामला सैटल करने का कहकर पैसे ऐंठने शुरू कर दिए।

अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधी गिरोह ने महिला डॉक्टर को इस तरह से डराना शुरू किया कि उसने लॉकर में रखे गोल्ड पर लोन लिया, एफडी तुड़वाई और सालों पहले खरीदे गए शेयर तक बेच डाले। इस तरह गिरोह ने महिला से 19.24 करोड़ रुपए की भारी-भरकम रकम ऐंठ ली। महिला के परिवार में उनकी की दो बेटियां हैं और दोनों ही विदेश में रहती हैं। जालसाजों ने उनसे कहा था कि हम सरकारी बैंक खाते में ये पैसे जमा करवा रहे हैं। बाद में आपको पैसे वापस मिल जाएंगे।

जालसाजों ने महिला से अलग-अलग 35 बैंक खातों में पैसे जमा करवाए। और फिर अचानक महिला डॉक्टर को वीडियो कॉल या किसी भी तरह के कॉल आने बंद हो गए। इससे महिला को शक हुआ और परिवार से बात करने पर पता चला कि डिजिटल अरेस्ट करके उससे साइबर ठगी की गई है। इसके बाद उन्होंने गांधीनगर साइबर विभाग में मामला दर्ज करवाया जिसमें अलग-अलग अधिकारी बनकर धमकाने वाले पांच लोगों और पैसे जमा कराने वाले 35 बैंक खाताधारकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

जालसाजों ने महिला डॉक्टर को इतना डरा दिया था कि वो जहां भी जाती थी सामने से वीडियो कॉल करती और अपनी लोकेशन तक शेयर करती थीं। एक बार वह अपने भतीजे की शादी में तीन दिन के लिए सूरत गई थीं। वहां से भी चुपके से एक जगह जाकर रोज वीडियो कॉल करके अपनी मौजूदगी साबित करती थीं।

सीआईडी क्राइम इसे भारत का सबसे लंबा और सबसे बड़ा जबरन वसूली का मामला मान रही है। भारत में किसी से 19 करोड़ की भारी-भरकम रकम की जबरन वसूली का यह पहला मामला है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इस मामले में कंबोडिया का और भारत के एक राज्य का एक गिरोह शामिल है।

भारतीयों को ठगने वाले कंबोडियाई गिरोहों के कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। हालांकि, गुजरात पुलिस अभी तक कंबोडिया के किसी बड़े गिरोह को पकड़ने में कामयाब नहीं हुई है। कंबोडिया से लौटे एक शख्स का कहना है कि भारतीयों को ठगने के लिए कंबोडिया में 5 हजार से ज्यादा बड़े कॉल सेंटर चल रहे हैं। लेकिन अभी तक उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो सकी है।

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सत्ता विमर्श डेस्क
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