टीवीके ने रचा इतिहास, सी. जोसेफ विजय बने तमिलनाडु के नए सीएम

चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत हो चुकी है। तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के प्रमुख और अभिनेता से राजनेता बने सी. जोसेफ विजय ने रविवार को तमिलनाडु के 9वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। राजधानी चेन्नई में आयोजित भव्य समारोह में उन्होंने तमिल भाषा में पद और गोपनीयता की शपथ ली। इस ऐतिहासिक मौके पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

मैं सी. जोसेफ विजय…
मैं सी. जोसेफ विजय भारत की संविधान के प्रति सच्ची आस्था और निष्ठा रखूंगा। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में भारत की एकता, अखंडता को बनाए रखूंगा और अपने विवेक के अनुसार कर्तव्यों और कानून का पालन करूंगा। किसी से डरूंगा नहीं और ना ही एकतरफा आदेश मानूंगा। मैं न्याय करूंगा, सभी लोगों के साथ न्याय करूंगा।

विजय के साथ उनकी पार्टी के 9 विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इनमें एन. आनंद, आधव अर्जुन, डॉ. के.जी. अरुणराज, के.ए. सेंगोट्टैयन, पी. वेंकटरमणन, आर. निर्मलकुमार, राजमोहन, डॉ. टी.के. प्रभु और सेल्वी एस. कीर्तना शामिल हैं। खास बात यह रही कि विजय के पहले मंत्रिमंडल में सहयोगी दलों के किसी विधायक को जगह नहीं दी गई। इससे साफ संकेत मिलता है कि TVK फिलहाल अपनी आजाद राजनीतिक पहचान को मजबूत करने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।

सरकार गठन से पहले शनिवार को विजय ने राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन अर्लेकर से मुलाकात कर TVK, कांग्रेस, CPI, CPM, VCK और IUML के कुल 121 विधायकों के समर्थन पत्र सौंपे थे। इसके बाद राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता दिया। तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 118 है और विजय गठबंधन ने इससे तीन सीटें अधिक हासिल की हैं।

महज दो साल पहले बनी TVK ने अपने पहले ही विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 234 में से 108 सीटों पर जीत दर्ज की। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, विजय की लोकप्रियता, युवाओं के बीच मजबूत पकड़ और पारंपरिक द्रविड़ राजनीति से अलग नई राजनीतिक भाषा ने TVK को तेजी से उभरने में मदद की।

तमिलनाडु के राजनीतिक इतिहास में यह चुनाव कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है। वर्ष 1967 के बाद पहली बार किसी गैर-द्रविड़ दल का नेता राज्य का मुख्यमंत्री बना है। इससे पहले 1963 से 1967 तक कांग्रेस के एम. भक्तवत्सलम मुख्यमंत्री रहे थे। ऐसे में विजय का सत्ता तक पहुंचना राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है।

फिल्मी दुनिया में सुपरस्टार के तौर पर पहचान बनाने वाले विजय अब राजनीतिक नेतृत्व की नई भूमिका में हैं। उनके सामने रोजगार, औद्योगिक निवेश, शिक्षा, सामाजिक न्याय और केंद्र-राज्य संबंधों जैसे कई बड़े मुद्दों पर जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की चुनौती होगी।

मुख्यमंत्री की शपथ लेते ही विजय एक्शन में आए और दस्तावेजों का पहला सेट साइन किया है। इनमें 200 यूनिट फ्री बिजली देने, महिला सुरक्षा दल और एंटी ड्रग्स स्क्वॉड बनाने के आदेश शामिल हैं।

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सत्ता विमर्श डेस्क
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