कोलकाता। बंगाल में भी कमल खिल गया है। जिन 293 सीटों पर चुनाव कराए गए थे उन सभी के नतीजे आ गए हैं। नतीजों में 207 सीटों के साथ बीजेपी राज्य में पहली बार सरकार बनाने जा रही है। ममता की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) 80 सीटों पर सिमट गई। एक सीट फालता पर 21 मई को चुनाव कराए जाएंगे।
2021 के विधानसभा चुनाव की तुलना में TMC को 134 सीटों का नुकसान हुआ है। कांग्रेस के खाते में 2 सीटें आईं, वहीं दो सीटें हुमायूं कबीर की पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी ने जीतीं। दो अन्य के खाते में आईं। वोट शेयर की बात करें तो 2026 के विधानसभा चुनाव में भाजपा का वोट शेयर 45.84% रहा। यह TMC के वोट शेयर 40.80% से 5% ज्यादा है। जबकि दोनों पार्टियों की सीटों में करीब 127 सीटों का अंतर आया। 2021 के मुकाबले बीजेपी के वोट महज 8% बढ़े, लेकिन सीटें 130 बढ़ गईं।

ममता बनर्जी अपना गढ़ भी नहीं बचा पाईं। जिन 119 सीटों पर टीएमसी पिछले 15 साल से लगातार काबिज थी, उनमें से 75 यानी 63% सीटें बीजेपी ने टीएमसी से छीन ली हैं। भवानीपुर से सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15,114 वोटों से हरा दिया। सुवेंदु के खिलाफ यह उनकी लगातार दूसरी हार है। 2021 के विधानसभा चुनाव में सुवेंदु नंदीग्राम से ममता के खिलाफ जीते थे।
मतगणना के बीच भवानीपुर काउंटिंग सेंटर से बाहर निकल कर ममता ने कहा था, बीजेपी ने 100 से ज्यादा सीटें लूट लीं। चुनाव आयोग, बीजेपी का आयोग बन गया है। मैंने बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल से भी शिकायत की। लेकिन वे कुछ नहीं कर रहे हैं। क्या आपको लगता है कि यह जीत है? यह एक अनैतिक जीत है। चुनाव आयोग ने केंद्रीय बलों, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के साथ मिलकर जो कुछ भी किया है वह पूरी तरह से गैर-कानूनी है। यह लूट है, लूट है, लूट है। हम वापसी करेंगे।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने X पर लिखा- असम और बंगाल में BJP ने चुनाव आयोग की मदद से चुनाव चुराया है। हम ममता जी से सहमत हैं। बंगाल में 100 से ज्यादा सीटें चुराई गईं। हमने यह तरीका पहले भी देखा है- मध्य प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और लोकसभा 2024 में ऐसा ही हुआ है। चुनाव चोरी, संस्था चोरी अब और चारा ही क्या है।
मोदी-शाह का अंग-बंग-कलिंग का लक्ष्य पूरा
24 अप्रैल 2026 को अमित शाह ने कहा था, ‘बंगाल जीतने के साथ ही बीजेपी अपना अंग, बंग और कलिंग जीतने का लक्ष्य पूरा कर लेगी।’ अंग यानी बिहार, बंग यानी बंगाल और कलिंग यानी ओडिशा तीनों जगह बीजेपी के मुख्यमंत्री होने वाले हैं। 1970 के दशक के बाद अब ऐसा होगा कि इन तीनों जगह पर किसी एक विचारधारा का शासन हो। तब यहां कांग्रेस की सरकारें थीं।
बीजेपी की इस जीत से 83 साल बाद बंगाल में हिंदू राजनीति का एक बार फिर से उभार हुआ है। 1941 में कृषक प्रजा पार्टी और हिंदू महासभा के नेतृत्व में बने प्रोग्रेसिव कोएलिशन की सरकार बंगाल में बनी थी जो 1943 तक चली। इसके बाद से राज्य में कांग्रेस, लेफ्ट और टीएमसी की सत्ता रही।
बंगाल का पूरा रिजल्ट आप चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट results.eci.gov.in पर क्लिक कर देख सकते हैं।




