Monsoon Session 2025 : लगातार तीसरा दिन चढ़ा हंगामे की भेंट

नई दिल्ली। मॉनसून सत्र (Monsoon Session 2025) के पहले तीन दिनों में चाहे लोकसभा हो या फिर राज्यसभा, कामकाज न के बराबर हुआ है। दोनों सदनों में सिर्फ हंगामा देखने को मिल रहा है। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए पद से इस्तीफा देने के बाद मंगलवार और बुधवार को विपक्ष ने हमले और तेज कर दिए हैं। बिहार में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR), ऑपरेशन सिंदूर, सीजफायर पर ट्रम्प के बयान समेत अन्य मुद्दों को लेकर विपक्ष लगातार हंगामा कर रहा है।

विपक्ष के बढ़ते हमलों के बीच अब बीजेपी के सीनियर लीडर और केंद्रीय मंत्री भी मुखर हो गए हैं और कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं। जिस तरह से मॉनसून सत्र की शुरुआत हुई है, उसे देखते हुए बड़ा सवाल यही है कि मॉनसून सत्र में सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चल पाएगी क्या? राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अभी जिस तरह के हालात हैं, साथ ही उपराष्ट्रपति के इस्तीफे के बाद विपक्ष को एक बड़ा मुद्दा मिल गया है। ऐसे में सत्ता पक्ष के लिए यह बड़ी चुनौती है कि सदन की कार्यवाही चले और चर्चा शुरू हो।

बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हिन्दुस्तान में इलेक्शन चोरी किए जा रहे हैं। उन्होंने महाराष्ट्र से लेकर कर्नाटक तक का जिक्र किया। बिहार में SIR के नाम पर SC, ST, OBC और अल्पसंख्यकों के वोट चुराने का आरोप भी कांग्रेस ने लगाया है। राहुल गांधी ने कहा कि इस मुद्दे पर वह चुप नहीं बैठेंगे। संसद से सड़क तक लड़ाई लड़ी जाएगी। कांग्रेस के साथ समाजवादी पार्टी, राजद समेत कई विपक्षी दल रोज संसद भवन परिसर में प्रदर्शन कर रहे हैं।

बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि संसद को बाधित करने का हर रोज नया बहाना लेकर आ रहा विपक्ष लोकतंत्र की गरिमा को तार-तार कर रहा है। कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी की नजर में चुनाव व चुनाव आयोग की निष्पक्षता तभी तक है जब तक कांग्रेस की चुनावों में जीत होती है। जब कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस जीती तो चुनाव आयोग और लोकतंत्र सुरक्षित थे, वहीं जब महाराष्ट्र और हरियाणा जैसे राज्यों की जनता ने कांग्रेस को नकार दिया तो यहां चुनाव आयोग की कार्यशैली ठीक नहीं थी।

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि ‘वोट चोरी’ के नाम से शुरू हुआ कांग्रेसी शिगूफा आए दिन भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था का मजाक बनाता है। SC, ST और OBC के नाम पर अपने तुष्टिकरण की दुकानदारी कांग्रेसी सरीखे दल चला रहे हैं। बार-बार अनेक राज्यों के चुनावों में जनता द्वारा नकारे जाने के बाद ये लोग जनादेश को अपमानित कर रहे हैं। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी सांसद दिनेश शर्मा ने कहा कि बैलेट बॉक्स की चोरी ये कांग्रेस की कार्यशैली में रहा है, अगर वो कर्नाटक का उदाहरण दे रहे हैं तो वो कर्नाटक विधानसभा कैसे जीत गए? वह अपनी हार के कारणों का विश्लेषण नहीं करते हैं बल्कि वो नए-नए कारण ढूंढ लेते हैं।

मॉनसून सत्र का दूसरा दिन
मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। विपक्ष ने बिहार में वोटर्स लिस्ट की जांच, स्पेशल इंटेसिव रिविजन (SIR) के खिलाफ सदन के अंदर और बाहर विरोध किया। सांसदों ने पहलगाम हमला, ऑपरेशन सिंदूर जैसे मुद्दों पर PM के जवाब और सदन में चर्चा की भी मांग की। पहले, लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई थी। विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, लेकिन कुछ ही देर बाद दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव सहित कई नेताओं ने मकर द्वार पर संसद भवन की सीढ़ियों पर खड़े होकर बिहार SIR के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इसी तरह, राज्यसभा में विपक्षी सांसदों ने बिहार में वोटर्स लिस्ट की जांच पर चर्चा की मांग करते हुए नारे लगाए। विपक्ष के हंगामे के कारण संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही 23 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी गई। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष विरोध प्रदर्शन करके जनता का पैसा बर्बाद कर रहा है।

मॉनसून सत्र का पहला दिन
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन ही विपक्षी दलों की मांग पर मोदी सरकार ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के लिए तैयार हो गई है। अगले हफ्ते इस मुद्दे पर लोकसभा में 16 और राज्यसभा में 9 घंटे बहस होगी। हालांकि विपक्ष का कहना है कि चर्चा सत्र के शुरुआत में होनी चाहिए और पीएम मोदी इसका जवाब दें।

इससे पहले पहले दिन राज्यसभा-लोकसभा में सदन की कार्यवाही शुरू होते ही पहलगाम और ऑपरेशन सिंदूर पर हंगामा होने लगा। विपक्ष ने इन मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर नारेबाजी की। दिनभर में लोकसभा 4 बार स्थगित हुई, जिसके बाद शाम 4 बजे सदन को मंगलवार 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

हंगामे के बीच राज्यसभा से बिल ऑफ लैडिंग बिल, 2025 पास हो गया। यह 1856 के भारतीय बिल्स ऑफ लैडिंग एक्ट की जगह लेगा। यह बिल समुद्री रास्ते से भेजे गए सामान के लिए एक पक्का डॉक्यूमेंट (बिल ऑफ लैडिंग) प्रदान करता है, जो यह साबित करता है कि सामान जहाज पर लदा हुआ है। बिल मार्च में लोकसभा से पास हुआ था।

इनकम टैक्स बिल पर बनी संसदीय कमेटी की रिपोर्ट लोकसभा में पेश की गई। कमेटी ने सुझाव दिए कि वित्त मंत्रालय व्यक्तिगत करदाताओं को बिना किसी जुर्माने के तय तारीख के बाद आयकर रिटर्न दाखिल करके TDS रिफंड लेने की अनुमति दे। साथ ही रिलीजियस कम चैरिटेबल ट्रस्ट को मिलने वाले गुमनाम दान को टैक्स से छूट दी जाए। 622 पन्नों वाला बिल 6 दशक पुराने इनकम टैक्स एक्ट 1961 को रिप्लेस करेगा।

जेपी नड्डा ने कहा- ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा करेंगे
राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- पहलगाम हमले के आतंकी अब तक पकड़े नहीं गए। मारे भी नहीं गए। लेफ्टिनेंट गवर्नर ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर में इंटेलिजेंस फेल हो गया। ट्रम्प 24 बार कह चुके हैं कि हमने युद्ध रुकवाया। सरकार को इन सभी मसलों पर जवाब देना चाहिए। देश में ऐसा संदेश नहीं जाना चाहिए कि सरकार पहलगाम और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा नहीं करना चाहती। हम चर्चा करेंगे और हर तरीके से करेंगे। ऑपरेशन सिंदूर के सभी पॉइंट्स को देश के सामने रखा जाएगा।

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सत्ता विमर्श डेस्क
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