अमेरिका का ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर हमले, तेहरान ने भी किया पलटवार

होर्मुज स्ट्रेट में एक बार फिर तनाव चरम पर, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की दो टूक- 'नहीं सुधरा ईरान तो मिट जाएगा अस्तित्व'।

नई दिल्ली। मध्य-पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। युद्ध विराम के दावों के बीच अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर ताजा हवाई हमले किए हैं। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को अब तक की सबसे कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि तेहरान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया तो उसका अस्तित्व ही खतरे में पड़ सकता है।

ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा, ऐसा लगता है कि ईरान कभी नहीं सुधरेगा। हमने अब तक बहुत संयम दिखाया है, लेकिन एक समय ऐसा भी आ सकता है जब हमें उस सैन्य अभियान को पूरा करना पड़े जिसकी शुरुआत हमने बेहद सफल तरीके से की थी। अगर ऐसा हुआ तो ईरान का अस्तित्व ही नहीं बचेगा।”

अमेरिका ने किन ठिकानों को बनाया निशाना?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार अमेरिकी नौसेना और वायुसेना ने होर्मुज स्ट्रेट के आसपास स्थित ईरानी सैन्य ठिकानों, मिसाइल और ड्रोन भंडारण केंद्रों तथा तटीय रडार साइटों पर कार्रवाई की। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि यह हमला एक वाणिज्यिक तेल टैंकर पर ईरानी ड्रोन हमले के जवाब में किया गया। अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने संघर्ष विराम की शर्तों का उल्लंघन किया था।

ईरान का अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा

अमेरिकी कार्रवाई के कुछ ही समय बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस और बहरीन में अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया है। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इन हमलों को विफल कर दिया गया और अमेरिकी ठिकानों को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा।

IRGC ने अपने बयान में चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को “भारी कीमत” चुकानी पड़ेगी। संगठन ने यह भी कहा कि अमेरिका की सैन्य कार्रवाई होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान के प्रभाव को कमजोर नहीं कर सकती।

होर्मुज स्ट्रेट बना टकराव का नया केंद्र

दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज स्ट्रेट एक बार फिर वैश्विक चिंता का केंद्र बन गया है। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी के अनुसार हाल के हमले में एक तेल टैंकर के कंट्रोल रूम को नुकसान पहुंचा, हालांकि चालक दल सुरक्षित है और तेल रिसाव की सूचना नहीं मिली। लगातार हो रहे हमलों ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और वैश्विक ऊर्जा बाजार की चिंता बढ़ा दी है।

युद्ध विराम पर फिर मंडराया संकट

अमेरिका का कहना है कि ईरान ने युद्ध विराम का उल्लंघन किया, इसलिए जवाबी सैन्य कार्रवाई की गई। वहीं ईरान का आरोप है कि अमेरिका लगातार उसकी संप्रभुता का उल्लंघन कर रहा है और उसकी जवाबी कार्रवाई आत्मरक्षा का हिस्सा है। दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता की आशंका बढ़ा दी है।

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सत्ता विमर्श डेस्क
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