नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख कॉपर उत्पादक कंपनी हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) को नया नेतृत्व मिल गया है। वरिष्ठ प्रबंधन विशेषज्ञ अनुपम मिश्रा ने कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) का पदभार ग्रहण कर लिया। उनके नेतृत्व से कंपनी को नई रणनीतिक दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, खासकर ऐसे समय में जब देश महत्वपूर्ण खनिजों और कॉपर सुरक्षा को मजबूत करने पर विशेष जोर दे रहा है।
कंपनी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, अनुपम मिश्रा अपने साथ रणनीतिक सोच, व्यावसायिक विशेषज्ञता और नेतृत्व का समृद्ध अनुभव लेकर आए हैं। माना जा रहा है कि उनका अनुभव हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की विकास योजनाओं को गति देने के साथ-साथ भारत की महत्वपूर्ण खनिज एवं कॉपर सुरक्षा को सुदृढ़ करने में भी अहम भूमिका निभाएगा।
अनुपम मिश्रा एक अनुभवी प्रबंधन पेशेवर हैं, जिनके पास विपणन, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और व्यवसाय विकास के क्षेत्र में 33 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने खनिज, धातु, रसायन, इंजीनियरिंग उत्पादों और परियोजना व्यवसाय जैसे विविध क्षेत्रों में कार्य करते हुए व्यापक विशेषज्ञता हासिल की है।
शैक्षणिक रूप से भी उनका रिकॉर्ड बेहद मजबूत रहा है। उन्होंने आईआईटी खड़गपुर से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक (ऑनर्स) किया है। इसके बाद आईआईएम लखनऊ से पीजीडीएम की डिग्री प्राप्त की। साथ ही आईआईएम अहमदाबाद और आईआईएण, कोलकाता के एक्जीक्यूटिव मैनेजमेंट कार्यक्रम भी सफलतापूर्वक पूरे किए हैं।
हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड में नियुक्ति से पहले अनुपम मिश्रा फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स ट्रावणकोर लिमिटेड (FACT) में जुलाई 2020 से जून 2026 तक निदेशक (विपणन) के पद पर कार्यरत रहे। इस दौरान उन्होंने कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला। बोर्ड स्तर पर नेतृत्व का उनका अनुभव और व्यावसायिक दृष्टिकोण उन्हें सार्वजनिक क्षेत्र की अग्रणी कंपनियों के अनुभवी अधिकारियों में शामिल करता है।
कार्यभार ग्रहण करने के तुरंत बाद अनुपम मिश्रा ने हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के कार्यात्मक निदेशकों के साथ बैठक कर कंपनी की परिचालन एवं रणनीतिक प्राथमिकताओं की समीक्षा की। इसके अलावा उन्होंने कॉर्पोरेट कार्यालय के विभागाध्यक्षों तथा वर्चुअल माध्यम से जुड़े विभिन्न इकाइयों के प्रमुखों के साथ भी संवाद किया।
बैठक के दौरान कंपनी की मौजूदा परियोजनाओं, परिचालन संबंधी चुनौतियों, उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजनाओं और भविष्य की विकास रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। माना जा रहा है कि नए नेतृत्व में कंपनी उत्पादन विस्तार, दक्षता बढ़ाने और कॉपर क्षेत्र में अपनी स्थिति को और मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकती है।




